‘एनबीटी’के सम्पादक रूबीन डिक्रूजके विरुद्ध यौन उत्पीडनका प्रकरण प्रविष्ट, पीडिताने कहा अब ज्ञात हुआ वामपन्थका वास्तविक रूप
०४ मार्च, २०२१
‘नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया’के सम्पादक एवं बच्चोंके मलयालम साहित्य अन्तर्गत ‘केरल इंस्टिट्यूट’के पूर्व निदेशक व ‘एक्टिविस्ट’ रूबीन डिक्रूजके विरुद्ध यौन उत्पीडनका प्रकरण प्रविष्ट किया गया है । देहलीमें कार्यरत एक मलयाली महिलाद्वारा प्रविष्ट किए गए परिवादके अनुसार, यह प्रकरण २ अक्तूबर २०२०का है । वहीं पुलिसके अनुसार परिवाद होनेके पश्चात इसी वर्ष २ फरवरीको ‘आईपीएस’की ‘धारा ३५४’के अन्तर्गत वसंत कुंज ‘नॉर्थ पुलिस स्टेशन’में यह प्रकरण प्रविष्ट किया गया है । पीडित महिलाका परिचय डिक्रूजसे अपने किसी मित्रके माध्यम से हुआ था, जब वह देहलीमें एक भाडेका घर ढूंढ रही थी । उनकी सहायताका आश्वासन देकर डिक्रूजने इस महिलाको कथित रूपसे अपने घर बुलाया व उसका यौन उत्पीडन किया । महिलाने यह भी बताया कि इस शारीरिक व मानसिक पीडाके मध्य में वह अत्यधिक टूट गई । उन्होंने इस बातको ‘फेसबुक’पर भी साझा करते हुए अपनी ‘पोस्ट’में लिखा कि मुझे वाम-प्रगतिशील ‘नकाबपोश’का वास्तविक रूप देखना था, जो मानवाधिकारों और समानताके विषयमें ‘फेसबुक क्रान्ति’ ला रहे हैं । उन्होंने सार्वजनिक मित्रों एवं ‘फेसबुक’के माध्यमसे हुई ‘पहचान’के नामपर मुझे भोजनके लिए घर आमन्त्रित किया था एवं एक छोटी मित्रता पूर्ण बातचीतके पश्चात अपना वास्तविक रंग दिखा दिया ।” अन्तमें उन्होंने यह भी कहा कि इस उत्पीडनके पश्चात सबसे दृढ लोग भी मानसिक रूपसे टूट जाते हैं । उन्होंने अपने मित्रों व अपनी मांका भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने इस प्रकरणके पश्चात उन्हें पुनः आगे बढनेके लिए प्रेरणा दी ।
पीडिताद्वारा साझा की गई करूण गाथा सुनकर मनमें क्रोधके भाव उत्पन्न होते हैं । वामपन्थका सत्य अब दिन प्रतिदिन विभिन्न प्रकरणोंसे सभीके समक्ष उजागर हो रहा है । आनेवाले हिन्दूराष्ट्रमें तो इन राष्ट्रद्रोहियोंका अस्तित्व भी शेष नहीं रहेगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply