देव स्तुति


अधोदृष्टे : नमस्तेऽस्तु संवर्तक नमोऽस्तु ते ।

नमो मन्दगते तुभ्यं निस्त्रिंशाय नमोऽस्तुते ॥

अर्थ : आपकी दृष्टि अधोमुखी है, आप संवर्तक, मन्दगतिसे चलनेवाले तथा जिसका प्रतीक खड्गके समान है, ऐसे शनिदेवको पुनः-पुनः नमस्कार है ।



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