अगस्त १, २०१८
प्रायः अपने विवादित कथनोंसे चर्चामें बने रहने वाले नेशनल कांफ्रेंसके विधायक जावेद राणाने इस बार भारतके राष्ट्रीय ध्वजको लेकर विवादास्पद वक्तव्य दिया है । उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्रमें एक सभाको सम्बोधित करते हुए कहा कि यदि जम्मू-कश्मीरमें ‘अनुच्छेद ३५ ए’में कोई परिवर्तन किया गया अथवा ‘धारा ३७०’ समाप्त की, तो यहां तिरंगा नहीं दिखेगा ! जम्मू-कश्मीरमें हिन्दुस्तानके ध्वजका नाम नहीं रहेगा ! ‘न रहेगी बांस, न बजेगी बांसुरी’, जम्मू-कश्मीर भारतसे भिन्न हो जाएगा ! बता दें कि जावेद राणा उस नेशनल कांफ्रेंसके विधायक हैं, जिसके प्रमुख फारूख अब्दुल्ला हैं ।
जम्मू-कश्मीरके मेन्धरके छूगा गांवमें जनसभामें उन्होंने कहा कि, “हम सभी लोगोंको ‘धारा ३७०’की रक्षाके लिए आगे आना चाहिए । इस धाराके कारण ही यहांके लोगोंको चाकरी मिल रही है । इसके की कारण ही यहांके लोगोंको विशेष अधिकार प्राप्त है । उनकी सम्पत्ति बची हुई है । यदि यह समाप्त हो गया तो सब कुछ समाप्त हो जाएगा ! धनी लोग यहां आकर पैसेके बलपर सब क्रय कर लेंगे । इसके कारण ही हमारा सम्बन्ध भारतके साथ है और यदि यह समाप्त हो जाता है तो हमार सम्बन्ध भारतसे समाप्त हो जाएगा । जब भारतके साथ सम्बन्ध ही नहीं रहेगा तो यहां हिन्दुस्तानी ध्वज कैसे फहरेगा ! उसका क्या काम रह जाएगा ?”
यह प्रथम बार नहीं है जब जावेद राणाने विवादित वक्तव्य दिया है । उन्होंने पत्थरबाजीको लेकर कहा था कि कश्मीरमें पत्थर फेंकनेके लिए मोदी शासन धन दे रहा है । कुछ पत्थरबाज शासकीय विभाग और ‘आरएसएस’की उपज हैं । शासकीय विभाग ही राज्यमें आतंकवादको जन्म दे रहा है । इससे पूर्व उन्होंने प्रधानमन्त्री मोदीको लाहौरमें ध्वज फहरानेकी चुनौती दी थी । कहा था कि सीमारेखाके निकट रहने वाले कुचले जा रहे हैं । यदि मोदीमें साहस है तो उन्हें लाहौर जाकर तिरंगा फहराना चाहिए अथवा कश्मीर छोड देना चाहिए । राणा सुरक्षा बलोंके विरुद्ध भी अनुचित वक्तव्य दे चुके हैं ।
स्रोत : जनसत्ता
Leave a Reply