एक खरे हिन्दूकी व्यापकता ही उसके व्यक्तित्वका परिचय देता है !


एक व्यक्ति ने मेरे इनबॉक्स में लिखा है कि आप परदेस जाकर वहाँ की अच्छाइयों को साझा न करें ! मैं एक आध्यात्मिक समीक्षक हूंं, तटस्थ होकर प्रत्येक परिस्थिति की समीक्षा करना मेरा मूल धर्म है, जो अच्छा उसे तो अच्छा कहना ही होगा, निसर्ग की सुंदरता मुझे सदैव सम्मोहित करती रही है चाहे वह भारत की हो या अन्य किसी भी देश की, ये सब हमारी वसुंधरा का ही भाग है ! और उसे आपसे साझा करना पाप नहीं , एक खरे हिन्दू की व्यापकता ही उसके व्यक्तित्व का परिचय देता है ! यदि मैं किसी देश के अच्छे गुणों की स्तुति करती हूँ तो इसका अर्थ यह नहीं है कि मैं अपने देश से प्रेम नहीं करती, हमारे देश की संस्कृति की विशेषता ही यही है कि वह हमें सभी से निरपेक्ष भाव से प्रेम करना सिखाती है और इसलिए मुझे एक भारतीय हिन्दू होने पर गर्व, आनंद एवं कृतज्ञता अनुभव होता है  -तनुजा ठाकुर



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution