अ. व्यायाम या योगासन एवं प्राणायाम करते समय आजकल अनेक लोग काले पाश्चत्य वस्त्र पहनते हैं, ऐसा करनेसे हमारे शरीरकी कोशिकाओंमें स्थित सूक्ष्म काली शक्तिके विघटनको काले वस्त्र, तमोगुणी होनेके कारण अवरुद्ध करता है; फलस्वरूप इन्हें करनेके पश्चात् हमें शारीरिक लाभके साथ ही अपेक्षित आध्यात्मिक लाभ नहीं मिलता। हिन्दू धर्म प्रत्येक कृतिको करते समय उसका आध्यात्मिक लाभ भी कैसे मिले, यह सिखाता है अतः व्यायाम या योगासन करते समय सामान्य व्यक्तिके लिए सूतीके श्वेत भारतीय वस्त्र पहनना सर्वोत्तम होता है।
आ. व्यायाम या योगासन एवं प्राणयाम करनेसे पूर्व अपने आराध्य देवता या गुरुसे प्रार्थना करें तथा समाप्त होनेके पश्चात् कृतज्ञता व्यक्त करें, इससे इस कृतिसे आध्यात्मिक लाभ तो प्राप्त होगा ही साथ ही इसमें सातत्य बना रहेगा, यह मैं इसलिए बता रही हूं आने लोगोंने मुझसे कहा है कि उनके व्यायाम या योगासन एवं प्राणयामवाली कृतिमें सातत्य नहीं रह पाता है – तनुजा ठाकुर (क्रमश:)
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