सरस्वती मांके लिए निन्दनीय शब्द लिखनेवाले पत्रकारको बन्दी बनाए जानेकी की जा रही है मांग


१८ फरवरी, २०२१
         दिलीप मण्डलने ‘ट्वीट’कर सरस्वती मांका अपमान किया है । ‘सोशल मीडिया’पर उसे बन्दी बनाए जानेकी मांग की जा रही है । वसन्त पञ्चमीके दिवस सरस्वती मांकी पूजा की जाती है; किन्तु दिलीपने अपशब्द लिखकर लोगोंको अप्रसन्न कर दिया है और हिन्दुओंकी धार्मिक भावनाओंको ठेस पहुंचाई है । उसने ‘ट्वीट’ किया, “मैं सरस्वतीको शिक्षाकी देवी नहीं मानता । उन्होंने न कोई पाठशाला खोली, न ही कोई पुस्तक लिखी । ब्रह्माने उसका यौन-उत्पीडन किया, वह जघन्य है ।”
         विचित्र बात है कि हिन्दुओंमें फूट डालनेवाले ऐसे निकृष्ट लोग, सनातन धर्म, ब्रह्माजी और सरस्वती माताके अस्तित्वपर कोई विश्वास नहीं है; किन्तु इनका विरोध अवश्य करेंगे ! ऐसे धर्म विरोधी पत्रकारोंको कठोर दण्ड दिया जाना चाहिए, जिससे वे भविष्यमें किसी देवी-देवताका भी अपमान करनेका साहस न जुटा सकें । ऐसे लोग बुद्धिहीन होते हैं; परन्तु स्वयंको ज्ञानी मानकर उच्छृंखल हो जाते हैं । इनसे समाजको सचेत करना हम सभीका कर्तव्य है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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