मार्च ९, २०१९
गत २८ जनवरीको मखोडा धामसे मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथने मनोरमा नदीकी स्वच्छताका अभियान सांकेतिक रूपसे आरम्भ किया था और आशा की थी कि जिला प्रशासन लोगोंके सहयोगसे पौराणिक नदी मनोरमाको पुनः जीवित करनेमें सफल होगा । मनोरमाके पुनरुद्धारको लेकर तबसे लेकर अबतक ४० दिवस बीत चुके है । डी.एम. राजशेखर इस अभियानकी देखरेख कर रहे है और नदीकी स्वच्छताको गति देनेके लिए जगदीशपुर ग्रामसभाके पास स्वयं नदीमें उतरकर स्वच्छताके लिए आगे आए ।
सामाजिक कार्यसे जोडनेके लिए पुत्रको लेकर पहुंचे
राजशेखरके ११ वर्षीय पुत्र आर्यनने भी पिताके अच्छे कार्यमें साथ दिया । आर्यनने फावडा चलाया और नदीसे निकली गंदगी उठाकर फेंकी । राजशेखरने बताया कि वह इस कार्यमें अपने पुत्रको इसलिए साथ लेकर आए ताकि वह भी बचपनसे सामाजिक कार्योंसे जुडे और उसे अच्छे संस्कार मिलें । मनोरमा नदी बस्तीमें ११५ किमी फैली हुई है । मुख्यमन्त्रीकी घोषणाके पश्चात गत ४० दिवसोंमें ४० किमी नदीके क्षेत्रको स्वच्छ किया जा चुका है । शेष ६० दिवसोंमें नदीके ७५ किमीके भागको स्वच्छ कर लिया जाएगा ।
उल्लेखनीय है कि मनोरमा नदी भगवान रामके जन्मसे सम्बन्धित होनेके कारण लोगोंके लिए आस्थाका केंद्र है । मान्यता है कि मखोडा धाममें मनोरमा नदीके किनारे अयोध्याके राजा दशरथने पुत्रेष्टि यज्ञ किया था, जिसके पश्चात चारों भाई राम, लक्ष्मण, भारत और शत्रुघ्नका जन्म हुआ था । मखोडा धामसे ही साधु-सन्तोंकी ८४ कोसी परिक्रमा आरम्भ होती है, जो अयोध्याकी सांस्कृतिक सीमाका चक्कर लगाकर पूर्ण होती है ।
“भारतकी यह आजके नेताओं व अधिकारियोंके कारण है, इसमें कोई शंका नहीं है । यदि सभी अधिकारी योग्यतासे कार्य करने लग जाए तो भारत अपने उच्च शिखरको छू जाए; परन्तु इस कीचडमें भी राजशेखर सदृश जैसे कमल आज भी खिले हैं, जो न केवल स्वयं अच्छे कार्य कर रहे हैं वरन आनेवाली पीढीको भी सीखा रहे हैं । ऐसे अधिकारी निस्सन्देह अभिनन्दनके पात्र है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
Leave a Reply