‘मिन्त्रा’ने अपने विज्ञापनसे झाडा पल्ला, श्रीकृष्णको साडी ढूंढते हुए दिखाया ‘ऑनलाइन’
२६ अगस्त, २०२१
‘मिन्त्रा’ गुटने एक विज्ञापनमें द्रोपदीके लिए श्रीकृष्णको ‘ऑनलाइन’ साडी ढूंढते हुए दिखाया है और अब इस विवादसे स्वयंको पृथक करनेका असफल प्रयास किया है । विज्ञापनमें द्रोपदीका चीरहरण करते हुए दिखाया गया है और उसके लिए लम्बी साडी ढूंढनेके लिए श्रीकृष्णको चलभाषपर (मोबाईलपर) व्यस्त दिखाया गया है । विज्ञापनको लेकर ‘ट्विटर यूजर’ कविताने ‘ट्वीट’ किया है कि यह केवल विज्ञापन नहीं; अपितु हिन्दू धर्मका अपमान है, इसे हम सहन नहीं करेंगे । एक अन्य ‘यूजर’ शेजल जोशीने ‘ट्वीट’कर हिन्दू विरोधी गतिविधियोंके लिए शक्ति दिखानेकी बात की है । अन्य लोगोंने ‘ट्वीट’कर इस संस्थानका बहिष्कार करनेके लिए प्रार्थना की है । २००७ में स्थापित किया गया, अब यह बहुत बडा संस्थान बन चुका है । ‘मिन्त्रा’ने इस विज्ञापनको अपनेद्वारा बनाए जानेसे नकारा है; क्योंकि इसका स्वामित्व ‘फ्लिपकार्ट’के पास है । इसका उत्तरदायित्व ‘स्क्रोल-ड्रोल’ संस्थानने लिया है । लोगोंका प्रश्न है कि हिन्दूधर्मके अपमानके विषयमें, यह संस्थान बार-बार ऐसी चूकें क्यों कर रहा है ?
आर्थिक लाभके लिए किसी भी पूंजीपतिका भ्रष्ट होना स्वाभाविक है । ऐसे भ्रष्टाचारसे निवृत्त होनेके लिए, संवैधानिक विरोध, बहिष्कारके साथ-साथ, हिन्दुओंको जाग्रत होना भी आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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