मार्च १, २०१९
प्रवर्तन निदेशालयने (ईडी) जम्मू-कश्मीरमें पाकिस्तान प्रायोजित ‘लश्कर-ए-तैयबा’ आतंकवादी संगठनके प्रमुख हाफिज मुहम्मद सईदकी लगभग १४ अवैध सम्पत्तियोंको अधिकृत करनेका निर्णय किया है ।
कथित रूपसे, ईडीने कश्मीरी व्यवसायी जहूर अहमद शाह वटालीद्वारा किए गए निवेशको ‘आपराधिक गतिविधियोंसे अर्जित की गई आय’के रूपमें अभिज्ञान किया है, जो कथित रूपसे आतंकी हाफिज सईदको धन देता है । गत वर्ष अगस्तमें ७० वर्षके वटालीको ‘राष्ट्रीय जांच एजेंसी’ने आतंकियोंको धन देनेके आरोपमें बन्दी बनाया था ।
‘इकोनॉमिक टाइम्स’के अनुसार, इन सम्पत्तियोंमें बंगले, महलकी भांति दिखनेवाले घर सम्मिलात हैं, इन सभी सम्पत्तियोंको संलग्न किया जाएगा ।
प्रवर्तन निदेशालयने १९ जनवरीको हाफिज सईदके विरुद्घ एक प्रकरण प्रविष्ट किया था, जो जून २०१७ में ‘एनआईए’द्वारा प्रविष्ट प्रथम सूचना ब्यौराके (एफआईआर) आधारपर पहलेसे ही उसके और अन्यके विरुध्द प्रविष्ट थी । बता दें कि लश्करने २००१ में संसद और २००८ में मुंबईपर आतंकी आक्रमण किए थे ।
इसके अतिरिक्त, ईडीने विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइककी मुंबई और पुणेमें ५० कोटिकी अवैध सम्पत्तिका अभिज्ञान किया है । कथित रूपसे इन सम्पत्तियोंको ‘आपराधिक गतिविधियोंसे अर्जित की गई आय’से प्राप्त किया गया था । अक्टूबर २०१८ में, एक विशेष एनआईए न्यायालयने मुम्बईमें जाकिर नाइकसे सम्बन्धित चार सम्पत्तियोंकी कुर्कीका आदेश दिया था, जिन्हें एक आतंकवाद विरोधी विधानके अन्तर्गत प्रविष्ट किया गया था ।
इसके अतिरिक्त, ईडीने अन्य आतंकवादी संगठनोंसे सम्बन्धित १३ सम्पत्तियोंका अभिज्ञान किया है ।
“विचित्र है कि भारतमें जिहाद प्रसारित करनेवाले आतंकी धनी सेठ बने बैठे हैं, वह धन मौलवियों और आतंकियोंको देते हैं, फिर वे पत्थर फेंकते हैं, धर्मान्तरण करते हैं, जिहाद करते हैं और आजतक हमें कोई अन्तर ही नहीं पडा !! इन सबसे ही ज्ञात होता है कि कांग्रेसने कितनी बहुमूल्य विरासत इस देशको प्रदान की है !! इस विरासतको ढोते-ढोते अब इस देशके कन्धे टूटने लगे हैं; अतः केन्द्र इस भारको नष्ट करें ताकि यह राष्ट्र शान्तिके दिन पुनः देखे ।” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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