‘पीएफआई’के औरंगाबाद कार्यालयमें जांचके मध्य कट्टरपन्थी, जिहादी समूहने ‘ईडी’ अधिकारियोंको धमकाया


०५ दिसंबर, २०२०

प्रवर्तन निदेशालयकी अनेक गुटोंने कल ३ दिसम्बरको ‘पापुलर फ्रंट आफ इंडिया’के कई स्थानोंपर जांच अभियान चलाया । ‘पीएफआई’पर विदेशी धन लेने और विरोध प्रदर्शनकी आडमें षड्यन्त्र करनेका आरोप है, जिसके चलते ‘ईडी’ने कार्यवाही की । इसी कडीमें ‘ईडी’के समूहने महाराष्ट्रके औरंगाबादमें भी जांच की, जिसके उपरान्त अलग दृश्य सामने आया । वहां ‘ईडी’की कार्यवाहीके पश्चात ‘पीएफआई’के लोगोंने ‘ईडी’के अधिकारियोंको धमकाते हुए रैली निकाली और सङ्गठनके समर्थनमें ‘अल्लाह-हू-अकबर’के नारे भी लगाए, जिसे ‘वीडियो’में १०.२३ और ११.१० पर सुना जा सकता है ।
‘ईडी’ने अपने जांच अभियानके अन्तर्गत महाराष्ट्रके औरंगाबाद नगरमें ‘पीएफआई’के कार्यालयपर जांच की । इस कार्यवाहीके कुछ ही समय पश्चात ‘पीएफआई’के समर्थनमें कट्टरपन्थियोंका जनसमूह आया । इस भीडने सार्वजनिक रूपसे ‘पीएफआई’के झण्डेभी लहराए, अधिकारियोंको सार्वजनिक रूपसे धमकीदी और सङ्गठनके समर्थनमें नारे भी लगाए । इस घटनाका एक ‘वीडियो’भी सामने आया है जिसमें लोग देशके अन्य सङ्गठनोंके लिए ‘मुर्दाबाद’ और ‘पापुलर फ्रंट आफ इंडिया’के लिए जिन्दाबादका नारा लगा रहे हैं !
इस ‘वीडियो’में सम्मिलित लोगोंको ‘अल्लाह हू अकबर’का नारा लगाते हुए भी सुना जा सकता है । इसी मध्य एक व्यक्ति ‘मीडिया’ वालोंसे वार्तालाप करते हुए मोदी शासनपर आपत्तिजनक टिप्पणी करता है और कहता है कि हम मार्ग अवरोध कर सकते हैं । ‘वीडियो’में ही एक और व्यक्ति कहता है कि ‘पीएफआई’पर आंच भी आ गई तो औरंगाबादकी बस्तियोंसे पुरुष, महिलाएं और बच्चे सभी निकलकर आएंगे और शासनको मुहतोड उत्तर देंगे । वर्तमानमें इस ‘वीडियो’को लेकर पूरे ‘सोशल मीडिया’पर अत्यधिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं ।
विगत कुछ कालमें ‘पापुलर फ्रंट आफ इंडिया’का नाम विदेशोंसे ‘फंडिंग’ लेकर विरोध प्रदर्शनकी आडमें षड्यन्त्र रचनेमें सामने आया है । इसी अन्तर्गत प्रवर्तन निदेशालय देशके अलग-अलग क्षेत्रोंमें जांच अभियान चला रही है । ‘ईडी’के समूहोंने ९ राज्योंमें स्थित कुल २६ स्थानोंपर जांच किया था, इसी मध्य उत्तरप्रदेशके लखनऊ और बाराबंकीमें भी पडताल किया था ।
इसीसे सम्बन्धित प्रवर्तन निदेशालय ‘ईडी’ने कल ही ‘पापुलर फ्रंट आफ इंडिया’के ‘नेशनल एग्जीक्यूटिव काउंसिल मेम्बर’ करमना अशरफ मौलवीके तिरुअनन्तपुरम स्थित पूंथुरा आवासपर जांच की थी । ‘ईडी’ने वर्ष २०१८ के मध्य ‘पीएफआई’के कई सदस्योंपर धन शोधन निरोधक अधिनियमसे (मनी लांड्रिंग एक्ट) सम्बन्धित प्रकरण प्रविष्ट किया है । इसके अतिरिक्त कोजीकोडे, मल्लापुरम और एर्नाकुलम स्थित ‘पीएफआई’ नेताओंके आवासोंपर भी जांच की गई ।
           

         ‘पीएफआई’के विरुद्ध अनेक साक्ष्य शासनको प्राप्त हुए हैं । यह सङ्गठन अनेक देशविरोधी व धर्मविरोधी क्रिया कलापोंमें लिप्त है और विदेशोंसे धन एकत्रित कर भारतमें उत्पात बढानेका कार्य करती है; अतः भारत शासनको इसको त्वरित प्रतिबन्ध लगाना चाहिए व इससे समबन्धित राजनेताओंको दण्ड देना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ

स्रोत : ऑप इंडिया



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