‘एल्गर’ परिषदमें हिन्दू समाजको बताया गया सडा हुआ
०२ फरवरी, २०२१
इस वर्ष भी पुणेमें ‘एल्गर’ परिषदका कार्यक्रम पुनः आयोजित हुआ । इसमें शरजील उस्मानी, अरुंधति रॉय व प्रशांत कनौजिया जैसे हिन्दू विरोधी प्रतिनिधि सम्मिलित हुए । कार्यक्रममें इस बार जनसमूह तो एकत्रित नहीं किया गया; परन्तु हिन्दुओंके विरुद्ध विष उगलनेकी मात्रा भरपूर थी । अब सामाजिक जालस्थलोंपर इसके ‘वीडियो’ भी साझा हो रहे हैं । इसमें शरजील उस्मानी, जिसे उत्तर प्रदेश पुलिसने बन्दी बनानेके पश्चात न्यायालयकी मध्यस्थताके पश्चात मुक्त कर दिया था, उसने कहा “आजका हिन्दू समाज पूर्ण रूपसे सड चुका है । अब उन्हें कारण नहीं चाहिए । मुसलमान हो मार देंगे …..।” शरजीलने उत्तर प्रदेशके योगी शासनपर भी आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनद्वारा गत वर्ष प्रतिदिन १९ लोगोंकी प्रतिदिन हत्याकी गई थी, जिसमें सभी मुसलमान या दलित है । अपने इस कथनको सिद्ध करने हेतु इस बार भी वह साक्ष्य प्रस्तुत न कर सका । इसके पश्चात अरुंधति रॉयने कमान सम्भालते हुए ‘एनडीए’ शासनको चुननेवाले भारतीय मतदाताओंकी तुलना ३ जनवरीको अमेरिकाके ‘कैपिटल हिल’में उपद्रव करनेवाली भीडसे की तथा हिन्दुओंका अपमान करते हुए गोमूत्रका भी उपहास किया । विष उगलनेकी प्रक्रियामें वामपन्थी प्रशांत कनौजियाने भी अपना वक्तव्य साझा करते हुए कहा, “जब तक कश्मीरी भाइयोंको न्याय नहीं मिलता; अखलाक और पहलू खानको न्याय नहीं मिल जाता, तब तक हम आन्दोलन जारी रखेंगे ।” उनकेद्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके प्रति भी घृणाका विष उगला गया । उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम ऐसे संवेदनशील संयोगमें आयोजित किया गया है, जब भारतकी राजधानी देहलीमें प्रदर्शनकरियोंद्वारा उपद्रव किया जा रहा है । कार्यक्रममें ५०० लोग सहभागी हुए थे तथा सुरक्षाके पर्याप्त प्रबन्ध भी किए गए थे ।
देशमें इस प्रकारकी हिन्दू विरोधी गतिविधियांमें दिनोंदिन वृद्धि हो रही है: परन्तु प्रशासन धृतराष्ट्र समान अपनी आंखें मूंदकर बैठा है । अब यदि समय रहते इन षड्यन्त्रकारियोंपर लगाम न लगाई गई तो परिणाम अवश्य ही घातक सिद्ध होंगे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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