दिसम्बर १५, २०१८
जम्मू कश्मीरके पुलवामा जनपदमें आतंकियों और सुरक्षाबलोंके मध्य शनिवार, १५ दिसम्बरको प्रातः मुठभेड आरम्भ हो गई । जानकारीके अनुसार, इसमें तीन आतंकी मारे गए हैं, जबकि एक सैनिक भी हुतात्मा हो गया । यह मुठभेड अब भी जारी है ।
मृत आतंकीका अभिज्ञान अति ऐच्छिक आतंकी (मोस्टवांटेड) जहूर ठोकरके रूपमें हुआ है । सुरक्षाबलोंने पूरे क्षेत्रको घेरा हुआ है । आतंकी जहूर ठोकर पहले सेनामें था और २०१६ में आतंककी राहपर चल पडा था ।
इस मुठभेडके पश्चात क्षेत्रके युवाओंने सुरक्षाबलोंपर पथराव आरम्भ कर दिया । इसमें ७ पत्थरबाजोंकी मृत्यु हो गई है ।
सुरक्षाबलोंको पुलवामाके खारपुराके एक सेबकी वाटिकामें आतंकियोंके छिपे होनेकी सूचना मिली थी । इसके पश्चात सुरक्षाबलोंने शनिवार प्रातः क्षेत्रको घेर कर अन्वेषण अभियान आरम्भ किया । इस मध्य आतंकियोंने स्वयंको घिरा हुआ पाकर गोलीबारी आरम्भ कर दी, जिसके पश्चात सुरक्षाबलोंने तीन आतंकियोंको मार गिराया ।
पुलिसने बताया कि जैसे ही ठोकेरके मुठभेडमें फंसे होनेके बारेमें समाचार फैला तो लोगोंने मुठभेड स्थलपर एकत्र होना आरम्भ कर दिया । ठोकेर इसी गांवका था। अधिकारियोंने बताया कि तीन आतंकवादियोंके मारे जानेके साथ ही मुठभेड २५ मिनटमें समाप्त हो गई, परन्तु सुरक्षाबल तब मुश्किलमें पड गए जब लोगोंने सेनाके वाहनोंपर चढना आरम्भ कर दिया । उन्होंने बताया कि लोगोंको चेतावनी देनेके लिए हवामें गोलियां भी चलाई गईं, परन्तु उससे भी उग्र भीड रुकी नहीं, जिससे सुरक्षाबलोंको उनपर गोलियां चलानी पडी ।
“रक्षाबलोंद्वारा की गई कार्यवाहीके लिए हम वीर सैनिकोंका अभिनन्दन करते हैं और पत्थरबाज आतंकका साथ देते हैं तो वे भी आतंकी ही हैं; अतः सेनासे यही कार्यवाही अपेक्षित है, तभी पत्थरबाजीकी इन घटनाओंपर प्रतिबन्ध लगेगा ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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