असममें अतिक्रमण हटाने गई ‘पुलिस’पर आक्रमण, पुलिसकर्मी चोटिल


२५ सितम्बर, २०२१
      असमके मुख्यमन्त्री हिमांता बिस्वा सरमाने बताया कि वे असमके किसी मन्दिर गए थे, जहां अतिक्रमण था । वह क्षेत्र कुख्यात है, जिसका कारण है कि वहां १९८३ से ही हत्याएं होती रही हैं । लगभग २७००० एकड भूमिपर दो, या तीन परिवारोंने अतिक्रमण कर रखा है । जबकि निर्धन लोग एक-एक इंच भूमिके लिए व्यथित हैं ।
    उन्होंने बताया कि लगभग ४ महीनोंसे इसपर विचार विमर्श चल रहा था । अतिक्रमण हटाकर प्रत्येक निर्धन परिवारको २ एकड भूमि देनेका विचारकर शासनने अतिक्रमण हटाने पुलिस बल भेजा । एकाएक लगभग १०००० लोगोंने पुलिसकर्मियोंपर आक्रमण कर दिया, जिससे ११ पुलिसकर्मी चोटिल हो गए । इस घटनाका दृश्यपट निकालने कोई ‘कैमरा’ लेकर क्यों आया ? इसकी भी जांच की जाएगी ।
      ‘आरटीआई’से ज्ञात हुआ कि ५५४८ बीघा भूमिपर तथा असमके ४ लाख ‘हेक्टेयर’ वनपर अतिक्रमण किया गया है । यह असमके वनका २२ प्रतिशत है । असमके ३३ जनपदोंमेंसे १५ पर बांग्ला देशी घुसपैठिए भूमि अधिग्रहित कर बैठे हैं ।
      बांग्लादेशसे तथा म्यामांरसे आए सहस्रों घुसपैठिए असममें बस चुके हैं । इससे असममें मुसलमानोंकी जनसङ्ख्यामें वृद्धि हो चुकी है ।  जहां भी इनकी सङ्ख्यामें वृद्धि होती है, हिन्दुओंका जीवन असुरक्षित हो जाता है । वहांके मुख्यमन्त्रीको बांग्लादेशी घुसपैठियोंको ढूंढकर देशसे बाहर करना चाहिए । ऐसा किए बिना वहां हिन्दू सुरक्षित नहीं होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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