सुभाष वेलिंगकरके बडे बोल, भगवान राम होते तो उन्हें भी मतदान विजयके लिए धन व्यय करना पडता !!


सितम्बर २७, २०१८

 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघकी (आरएसएस) गोवा इकाईके पूर्व प्रमुख सुभाष वेलिंगकरने दावा किया है कि वर्तमान राजनीतिक स्थितिमें भगवान रामको भी मतदान विजयी करनेके लिए पैसा व्यय करना पडता ! वह बुधवारको पणजीमें गोवा सुरक्षा मंचके (जीएसएम) युवा सम्मेलनको सम्बोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा, ‘‘मतदानके समय राजनीतिज्ञ दो प्रकारके लोगों – युवा एवं महिलाओंको नकद या उपहारकी प्रस्तुति कर लुभानेमें व्यस्त रहते हैं । वह उन्हें सीधे-साधे लगते हैं ।’’ वेलिंगकरने कहा, ‘‘वर्तमान स्थितिमें मतदानके समय धनकी शक्तिके अंधाधुंध प्रयोग के चलते भगवान राम भी जबतक पैसा व्यय नहीं करते, उन्हें नहीं चुना जाता !

उन्होंने २०१७ में गोवा विधानसभा चुनावोंके समय अपना अलग दल ‘जीएसएम’ बना लिया था । विद्यालय शिक्षामें भाषाके माध्यमके प्रकरणको लेकर भाजपा मन्त्री मनोहर र्पिरकरसे विवाद होनेके पश्चात उन्होंने इस दलका गठन किया था । उन्होंने भाजपापर ‘नैतिकता खोने और देशके अन्य दलों जैसे कृत्योंमें लिप्त होने’के आरोप लगाए ।
उन्होंने कहा, ‘‘र्पिरकरने दो मन्त्रियोंको रूग्ण होने के चलते मन्त्रिमण्डल से बाहर कर दिया, लेकिन वह स्वयं गम्भीर रूपसे रोगी होनेके पश्चात अपने पदपर बने हुए हैं !’’ वेलिंगकरने कहा, ‘‘भाजपा भ्रष्टाचारको किसी भी मूल्यपर सहन नहीं करनेकी बात करती है; लेकिन मुझे कोई एक भी मन्त्री ऐसा दिखा दीजिए, जो पैसा नहीं बना रहा है ।

“यह एक कटु सत्य है कि राजनीतिक दलोंके अनुशासन व मूल्योंका लोप हो चूका है, परन्तु नश्वर शरीर धारी राजनेताओंकी तुलना अनन्त परमेश्वर श्रीरामसे नहीं की जा सकती है ! राजनेता अपनी वाणीकी मर्यादा ध्यानमें रखे ! श्रीराम सर्व समर्थ है, मायातीत है, उन्हें मायाके किसी साधनकी आवश्यकता नही है; अतः ऐसा कहकर अपने लिए पापकर्म निर्माण न करे !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : जनसत्ता



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