बंगाल मतदानसे पूर्व ‘टीएमसी’ नेताके घरसे मिला ‘ईवीएम’ और ‘वीवीपीएटी’ अधिकारीने कहा रात्रि होनेपर परिचितके यहां रुके थे 


०६ अप्रैल, २०२१
   पश्चिम बंगालमें तृणमूल कांग्रेस ‘टीएमसी’के एक नेताके घरसे ‘ईवीएम’ प्राप्त होनेके पश्चात क्षेत्रमें ‘सनसनी’ फैल गई । राज्यमें मंगलवार ६ अप्रैलको तीसरे चरणका मतदान भी चल रहा है । ऐसेमें इससे एक रात्रि पूर्व इस तरह की घटनासे ‘टीएमसी’ दल संदिग्धमें आ गई है । तुलसी बेरियाके तृणमूल नेता गौतम घोषको ग्रामीणोंने १ ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ और ४ ‘वोटर-वेरिफायेबल पेपर ऑडिड ट्रेल’ (वीवीपीएटी)के साथ पकडा ।
   यह घटना उलूबेरिया ‘नॉर्थ’ विधानसभा क्षेत्रकी है जहां तीसरे चरणमें ही मत डाले जा रहे हैं । भाजपा प्रत्याशी चिरन बेराने आरोप लगाया कि ये वस्तुएं ‘टीएमसी’ नेताके घरसे मिली हैं जिससे पता चलता है कि राज्यकी सत्ताधारी ‘पार्टी’ चुनावमें छल कर रही है । उन्होंने बताया कि ‘ईवीएम’ और ‘वीवीपीएटी’को चुनावी ‘ड्यूटी’के लिए चारपहिया वाहनसे लाया गया था । साथही तृणमूल नेताके घरके बाहर ‘सेक्टर १७’ की ‘चुनावी ड्यूटी’की वाहन भी प्राप्त हुई ।
   वहांके ‘सेक्टर’ अधिकारीको भी ग्रामीणोंने पकड लिया ! ‘सेक्टर’ अधिकारीने अपने बचावमें कहा कि चुनावी कार्य के लिए यन्त्रोंको लाते समय अत्यधिक रात्रि हो गई थी । केन्द्रीय सशस्त्र बल सो गए थे और उन्होंने ‘बूथ’ खोला ही नहीं; इसलिए उन्होंने अपने एक परिचित के घरपर रात्रि विश्राम उचित लगा । भाजपाने स्थानीय अधिकारियोंकी निष्ठापर प्रश्न उठाए हैं ।
     बंगालमें ‘टीएमसी’ दलके नेता और उनके सहयोगी शासकीय कर्मचारियोंको दलद्वारा अपना प्रभाव दिखाकर ‘ईवीएम’ यन्त्रको नियन्त्रणमें लेकर चुनावपर विजय प्राप्त करनेका प्रयास किया जा रहा है ! क्या यह द्वेषपूर्ण राजनीति नहीं है ? ऐसे दलोंको शासनद्वारा प्रतिबन्धित करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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