बाराबंकीमें मजार बचाने हेतु किसान राजनेताद्वारा ‘एसडीएम’को किए गए भ्रमणभाषका ‘ऑडियो क्लिप’ हुआ जारी
३० मार्च, २०२१
उत्तर प्रदेशके योगी शासनने कुछ दिवस पूर्व ही मार्गोंके किनारे स्थित धार्मिक स्थलोंको हटानेके लिए आदेश पारित किया था । प्रशासनसे यह भी कहा गया था कि ऐसे स्थान चिह्नितकर प्रशासनको सूचना भेज शासनको अवगत कराएं । प्रशासनने ऐसे स्थलोंकी सूची बनाकर शासनको भेजनेका कार्य आरम्भ भी कर दिया है; परन्तु इसी मध्य इस प्रकरणको लेकर राजनीति आरम्भ हो गई है । अब उत्तर प्रदेशके बाराबंकीमें एक किसान राजनेता आशु चौधरी व ‘एसडीएम’के मध्य मजारको न हटानेकी बातका एक ‘ऑडियो क्लिप’ साझा हो रहा है । यह ‘ऑडियो क्लिप’ भाजपा नेता तजिंदर बग्गाने सामाजिक जालस्थल ‘ट्विटर’पर साझा किया जिसमें किसान राजनेता ‘एसडीएम’से मजारको न हटानेकी बात कह रहा है व ‘एसडीएम’की ओरसे यह कहा जा रहा है कि वह अपने कार्यसे ही ‘मतलब’ रखे । किसान राजनेताने ‘एसडीएम’ दिव्यांशु पटेलसे मिलकर इस प्रकरणपर वार्तालाप करने हेतु बात कही; परन्तु ‘एसडीएम’ने इसे स्पष्ट रूपसे अस्वीकार कर दिया । उन्होंने किसान नेतासे भ्रमणभाषपर इसका कारण पूछा जिसका आशु चौधरीने मजार हटानेके प्रकरणको लेकर जैसे ही ‘नोटिस’ देनेकी बात कही तो ‘एसडीएम’ अत्यधिक क्रोधित हो गए । उन्होंने किसान राजनेताको फटकार लगाते हुए कहा कि नेतागिरी न करें, केवल किसानोंसे जुडी समस्यासे ही हमें अवगत कराएं ।
समाचार स्पष्ट करता है कि किस प्रकार आजके कथित किसान राजनेता अब किसानोंका हित त्याग तुष्टीकरणकी राजनीतिमें लिप्त हो गए हैं । ऐसे राजनेताओंका उद्देश्य मात्र राष्ट्रमें राष्ट्रविरोधी गतिविधियोंको प्रसारित करना होता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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