जुलाई १, २०१८
मन्दसौर, कठुआ, बागपतमें दुष्कर्म और बच्चियोंपर हो रहे अत्याचारसे त्रस्त बागपतके एक पूर्व फौजी दम्पत्तिने निर्णय किया है कि बेटी न पैदा हो; इसलिए वह सन्तान ही नहीं करेगा ! दम्पत्तिका मानना है कि यदि वह सन्तान करेगा तो कहीं उसे बेटी पैदा ना हो जाए और बेटी पैदा ना हो; इसलिए उसने कोई भी सन्तान पैदा करने ना करनेका निर्णय लिया है !
ये दम्पति बागपतका रहने वाला है । सुभाष कश्यप सेवानिवृत्त फौजी हैं और उनकी पत्नी रूबी उनके इस निर्णयके साथ हैं । ये दोनों मन्दसौरमें नादानके साथ दरिन्दगी, कठुआमें हुआ बलात्कार और बागपतमें मासूमकी बलात्कारके बाद हत्या, जैसी भयावह प्रकरणोंसे त्रस्त हैं । उनके मनपर ऐसी चोट पहुंची है कि उन्होंने पुत्री पैदा ना करनेका निर्णय लिया है । इसके अतिरिक्त इस दम्पत्तिने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीसे विनती की है कि इसके लिए शासन कठोर विधान बनाए; क्योंकि देशमे बेटियां असुरक्षाके वातावरणमें जी रही हैं । उन्होंने कहा है यदि शासन बेटियोंको नहीं बचा सकती तो अपना अभियान ‘बेटी पढाओ और बेटी बचाओ’को बदलकर ‘बेटियां छिपाओ’ कर दे !
उधर इन दोनोंके निर्णयने सबको अचम्भित कर दिया है । सन्तान नहीं पैदा करनेके निर्णयसे लोग अचम्भित हैं । इस दम्पत्तिका कहना है कि शासन इसके लिए उत्तरदायी है ! देशमें बेटियां हर दिन जानवरोंका आखेट बन गई हैं । निर्दोष बच्चियोंके साथ अमानवीयता हो रही है; इसलिए शासनको कठोर निर्णय लेना पडेगा । जब तक शासन कठोर विधान नहीं बनाएगी, तबतक वो भी सन्तान पैदा नहीं करेंगे ! उन्होंने कहा कि सन्तान पैदा की तो उन्हें बेटी भी पैदा हो सकती है; इसलिए उन्होंने कोई भी सन्तान पैदा न करनेका निर्णय लिया है ।
स्रोत : न्यूज18इण्डिया
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