गुजरातमें ‘आप’के प्रदेश अध्यक्षने बताया सत्यनारायण व भागवत कथाको विज्ञानके विरुद्ध व ‘बेकार’
०८ जुलाई, २०२१
गुजरातमें आम आदमी पार्टीके प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालियाके विरुद्ध प्राथमिकी प्रविष्ट की गई है । उनपर हिन्दुओंकी भावनाओंको ठेस पहुंचानेके आरोप लग रहे हैं । ‘हिन्दू आईटी सेल’के अनुज मिश्राने यह परिवाद प्रविष्ट कराया है । ‘हिन्दू आईटी सेल’ने ‘सोशल मीडिया’के माध्यमसे जानकारी दी कि गोपाल इटालियाके विरुद्ध परिवाद प्रविष्ट कराया गया है, जिसे प्राथमिकीमें परिवर्तित कर दिया गया है । साथ ही गुजरात ‘पुलिस’से कठोर कार्यवाहीकी मांग की । परिवादमें कहा गया है कि गोपाल इटालियाके राज्यमें ‘सोशल मीडिया’पर अधिक सङ्ख्यामें प्रशंसक हैं, ऐसेमें उन्होंने एक ‘वीडियो’के द्वारा हिन्दू देवी-देवताओं और परम्पराओंका उपहास किया है, जिसे कई व्यक्तियोंने देखा । आरोप है कि गोपाल इटालियाने कहा था, “यदि आपको मेरी बातें अच्छी नहीं लगती हैं तो आप मुझे ‘ब्लॉक’ करके निकल लीजिए; क्योंकि मुझे आपकी आवश्यकता नहीं है ।” इसके बाद उसने हिन्दू पर्व-त्योहारोंका नाम लिया । गोपाल इटालियाने कहा, “लोग सत्यनारायण कथा और भागवत कथा जैसी अनावश्यक वस्तुओंपर रुपए व्यय कर रहे हैं । गोपाल इटालियाने आगे कहा था, “मैं ऐसे व्यक्तियोंसे लज्जित हूं (सत्यनारायण कथा और भागवत कथा करानेवाले) । मुझे इनपर बहुत क्रोध आता है । रीति और संस्कृतिके नामपर ‘हिजडों’की भांति तालियां बजानेवालोंकी हमें कोई आवश्यकता नहीं है । कोई साधु मंचसे कुछ बोल देगा और हमें ‘हिजडों’की भांति तालियां बजानी हैं ?”
यदि ताली बजाना ‘हिजडों’की भांति कार्य है, तो अपनी ‘रैलियों’में इन्हींके नेता तालियां क्यों बजवाते हैं ? वे नेता क्या हैं ? यदि सत्यनारायण भगवानकी कथा ‘बेकार’ है, तो क्यों इनके दलके ही लोगोंको चुनावके समय उन्हें हनुमानजी स्मरण होते हैं ? हिन्दू कमसे कम एकनिष्ठ हैं कि वे भक्तिभावसे प्रेरित होकर सत्यनारायण भगवानकी कथा करके सभी भूखोंको भोजन व पशु-पक्षियोंको खिलाते हैं (उन्हें ‘हलाल’ नहीं करते हैं); परन्तु ऐसे कथित नेता चुनावके समय हनुमान व राम करते हैं और चुनाव जानेपर सत्यनारायण कथाको ‘बेकार’ बताते हैं, तो ऐसे लोगोंको तो ‘हिजडा’ भी नहीं कहा जा सकता हैं; क्योंकि हम हिन्दुओंने किन्नरोंको भगवान शिवका गण माना है और उनका आशीर्वाद भी फलदायी मानकर उनका आदर करते हैं । ऐसे लोग केवल ‘गिरगिट’की ही भांति है; क्योंकि इन्हें धर्मसे भी कुछ नहीं लेना-देना है । हिन्दुओ, हिन्दुओंके, अपने कुलके नामपर कलङ्क ऐसे लोगोंका सामाजिक बहिष्कार करें और इन्हें इनका वास्तविक स्थान दिखाएं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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