१३ वर्षीय दलित बालिकासे धर्मान्धोंने किया दुष्कर्म, तथाकथित दलितवादी और समाचार जगत भी मौन !


मार्च १९, २०१९

उत्तर प्रदेशके मुजफ्फरनगरसे एक चौंकानेवाला समाचार आया है, यहां कुछ मुस्लिम युवकोंने एक १३ वर्षीय नाबालिग छात्राका तब सामूहिक दुष्कर्म किया, जब वह शौचके लिए घरसे निकली थी । इतना ही नहीं, मुस्लिम युवकोंने दुष्कर्मका वीडियो भी बनाकर सामाजिक प्रसार माध्यमपर डाल दिया ! इस नृशंस अपराधका प्रकरण लगभग एक माह पश्चात प्रकाशमें तब आया, जब उक्त किशोरीके भाईने वीडियोको सामाजिक जालस्थलपर देखा । रतनपुरी थाना क्षेत्रके तितावीमें हुई इस घटनाको लेकर क्षेत्रमें तनाव बना हुआ है ।


हिंदुस्तान समाचारपत्रके स्थानीय संस्करणमें प्रकाशित समाचारके अनुसार, उक्त किशोरी देर सन्ध्या शौचके लिए घरसे बाहर निकली थी । वह पांचवी कक्षाकी छात्रा है । कुछ मुस्लिम युवकोंने वीरान स्थान देखकर उसे उठा लिया और रिक्त पडे एक घरमें ले गए । उसीमें उन्होंने यह जघन्य अपराध किया ।

अपराधी किशोरीको उसी अवस्थामें छोडकर भाग गए । भय व लोक-लाजके कारण पीडिताने अपने घरमें किसीको इस घटनाकी जानकारी नहीं दी थी । जब उसके भाईने वीडियोको देखा तो अपने पिताके साथ थानेमें इसकी परिवाद की । पुलिसने संज्ञान लेते हुए पांचों आरोपियोंको बन्दी बना लिया है । धर्मान्ध युवकोंके नाम दानिश, माज उमामा, फरीद और सबूर हैं । उमामाके पाससे तमंचा व शस्त्र भी पाए गए हैं ।

सभी अपराधियोंने मिलकर पीडिताके परिजनोंको धमकाया भी था । पीडिताको मारनेकी चेतावनी भी दी गई । क्षेत्रमें तनावकी स्थिति होनेके कारण अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ।


“जिहादियोंका न ही विधानका भय है और न ही गांववालोंका, तभी ऐसे अक्षम्य अपराध कर पाए, क्योंकि इस्लाम इसे अपराध कहां मानता है और जहां एक साधारण हिन्दूके पास एक शस्त्र भी नहीं होता है, वहीं एक सामान्य धर्मान्द भी विधानको पैरों तले रौंदकर बन्दूकें लेकर घूम रहा है ! दलित-दलितके नामपर राजनीति करनेवाले नीली गैंगके सदस्य, अम्बेडकरवादी भी इसपर दुबककर मौन बैठे है ! चलचित्रके अभिनेताओंके पीछे कैमरे ले लेकर दौडनेवाला समाचार जगत भी इसपर मौन है; क्योंकि युवती हिन्दू है ! अपने ही देशमें द्वितीय श्रेणीका जीवन जीनेवाले हिन्दुओ ! शासनसे आशाएं रखना बेकार है; क्योंकि ५ वर्ष किसी भी मूल समस्याके अन्तके लिए आवश्यकतासे अधिक होते हैं; अतः नेताओंसे आशा न रखकर धर्मान्धोंसे बेटियोंकी रक्षा हेतु स्वयं सिद्ध हो !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ



स्रोत : ऑप इण्डिया

 



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