शिवनगरी काशीमें फ्रांस दम्पत्ति मैथियास और डेनियलाने हिन्दू धर्म स्वीकार किया


नवम्बर २७, २०१८

भगवान शिवकी नगरी काशीमें फ्रांसके एक जोडेने शिव शक्ति मन्त्रकी दीक्षा प्राप्त की । इसके पश्चात दोनोंने अपने नाम परिवर्तित कर लिए । ‘वाग्योग चेतना पीठम’में पद्मश्री भागीरथ प्रसाद त्रिपाठी ‘वागीश शास्त्री’से शिव शक्ति मन्त्रकी दीक्षा प्राप्त कर फ्रांसके रहने वाले डिजाइनर मेथियस और उनकी पत्नी डेनियलाने हिन्दू धर्म अपनाया । दीक्षा प्राप्त करनेके पश्चात उनका नाम और गोत्र परिवर्तित हुआ । मैथियास परमानंद नाथ और आनंदमयी मां बन गईं ।

डेनियलाने बताया कि वे कुण्डलिनी साधनाके पश्चात बहुत ऊर्जा अनुभव कर रही थी, तब उन्होंने और उनके पतिने शिव शक्ति मन्त्रकी दीक्षा लेनेकी इच्छा गुरुदेवसे प्रकट की । उन्होंने बताया कि इस दीक्षाको ग्रहण करनेके पश्चात वह स्वयंको बहुत अधिक ऊर्जावान अनुभव कर रही हैं । ईश्वरकी साधना कर इस मन्त्रका जप करेगी, जिससे उनका और विश्वका कल्याण हो और विश्वमें शांति हो ।

गुरुदेव वागीश शास्त्रीने बताया कि शिव शक्ति मन्त्रकी साधना प्रसुप्त शक्तिको जागृत करती है और मस्तिष्क विचारोंसे भर जाता है, इससे व्यक्तिको ऊर्जा प्राप्त होती है और नए-नए विचार आते हैं, जो साधक शिव-शक्ति मंत्र दीक्षा लेनेके पश्छशचात निश्चित संख्यामें जप करते हैं और उसका दशांश हवन करते हैं, उनको वांछित फलकी प्राप्ति हो सकती है ।

विश्वसे लोग अध्यात्म, योग और तंत्रकी साधना प्राप्त करने मेरे पास वर्षोंसे आते हैं और कुण्डलिनी साधनामें व्यक्ति अपने चक्रोंको जागृत करता है । शिव-शक्ति मन्त्र साधनासे साधक अपने इष्टको प्रसन्न करता है और वाञ्छित फल प्राप्त कर सकता है ।

 

“आत्माकी विशेषता है परमात्माकी ओर बढना, जो सनातन धर्म अपनी भिन्न-भिन्न पद्धतियों व मार्गद्वारा करनेमें सक्षम है, तो स्वकल्याणकी इच्छा रखने वाला क्यों किसी तामसिक जीवनका त्याग कर सनातनकी ओर आकृष्ट नहीं होगा ?”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला

 



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