पीएनबी भ्रष्टाचारमें भगोडा नीरव मोदी लंदनमें बन्दी बनाया गया !!


मार्च २०, २०१९

‘पीएनबी’से १३,५०० कोटि रुपये लूटकर विदेश भागे हीरा व्यापारी नीरव मोदीको लन्दनके होलबोर्नसे बन्दी बना लिया गया है । दो दिवस पूर्व ही प्रवर्तन निदेशालयके प्रत्यर्पण अनुरोधपर लंदनके वेस्टमिंस्टर न्यायालयने उसके विरुद्ध बन्दी बनानेका आदेश जारी किया था ।

उसके पश्चात नीरवको लंदनके वेस्टमिंस्टर न्यायालयमें मुख्य न्यायाधीशके समक्ष प्रस्तुत किया गया । ब्रिटेनके न्यायालयने नीरव मोदीको मुक्त करनेसे मना करते हुए २९ मार्चतक कारावासमें भेज दिया ।

यह भारत शासनके लिए बडी सफलता माना जा रहा है । इसके पश्चात यह आशा जगी है कि उसे भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है । देशके सबसे बडे बैंकिंग भ्रष्टाचारमें ईडी और सीबीआई उसे ढूंढ रही है । नीरव जनवरी, २०१८ में भारतसे भाग गया था । इसके पश्चात भारत शासनने उसका पारपत्र (पासपोर्ट) रद्द कर दिया था । भागनेके कुछ माह पश्चातसे ही वह ब्रिटेनमें रहा है ।

बुधवारको मुम्बईके विशेष न्यायालयने ईडीको नीरवके १७३ बहुमूल्य चित्रकारी और ११ शाही वाहनोंको विक्रय करनेकी स्वीकृति दे दी है ।


पीएनबी भ्रष्टाचार सामने आनेसे पूर्व ही नीरव और उसका मामा मेहुल चोकसी भारतसे भाग चुके थे । ईडी ‘मनी लॉन्ड्रिंग विधान’के अन्तर्गत अबतक नीरवकी १८७३.०८ कोटि रुपयोंकी सम्पत्ति अधिकृत कर चुकी है । नीरव और उसके परिवारसे जुडी ४८९.७५ कोटिकी सम्पत्ति भी अधिकृत की जा चुकी है ।

 

“कांग्रेस शासन अन्तर्गत इन लोगोंको देशका धन अन्धाधुन्ध रूपसे वितरित किया गया । इस देशकी अर्थव्यवस्थाका मूल कृषि है; परन्तु किसानोंके बारेमें सोचनेके स्थानपर समस्त धन उद्योगपतियोंको दिया गया और किसानोंकी आत्महत्याकी संख्या दिन-प्रतिदिन बढती ही गई, जिसका परिणाम यह हुआ कि आज कृषिप्रधान देशमें कोई कृषि नहीं करना चाहता है ! इन सबसे आजके राजनेताओंकी बुद्धिमताका बोध होता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ



स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution