गणपति स्तुति


एकदंतं महाकायं तप्तकाञ्चनसन्निभम् ।
लंबोदरं विशालाक्षं वन्देऽहं गणनायकम् ।।
अर्थ : उन गणपतीको हम वंदन करते हैं जिनके एकदंत हैं जो विशाल देहवाले हैं, जो लंबोदर , जिनके विशाल नयन है और जिनका वर्ण तपे हुए स्वर्णके समान है ।



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