जिस हिन्दू बहुल राष्ट्रने मुसलमानों और उनके पूर्वजोंको संरक्षण दिया और भारत जैसे महान देशका नागरिक कहलानेका अधिकार दिया, उस देशमें सबसे पवित्र और पूजनीय मानी जानेवाली गौ माताके मांसका मुसलमानोंद्वारा भक्षण करना, क्या इस देशके और यहांके लोगोंकी भावनाओंका घोर अनादर करना नहीं है ? क्या मानवीय आधारपर भी ऐसे कुकर्म क्षम्य हैं ? और दूसरा सच यह है कि वसीम रिजवी और अब्दुल कलाम जैसे विद्वानोंकी बात धर्मान्धोंको अंशमात्र भी नहीं भाता, इन्हें तो अन्धविश्वासी, अर्धशिक्षित और कट्टर कठमुल्लोंकी बातें अच्छी लगती हैं जो मुसलमानोंको मात्र अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने हेतु इस्लाम और कुरानका आधार देकर दिशाभ्रमित करते हैं |
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