दिल्लीमें आचार्य सुशील गौशालामें २ दिनोंमें ३६ गायोंकी मृत्यु हुई !


जुलाई २७, २०१८

एक ओर गायोंके संरक्षण और ‘मॉब लिंचिंग’को लेकर देशकी राजनीति तेज हुई है, वहीं राष्ट्रीय राजधानीके छावला क्षेत्रके घुम्मनहेडाकी आचार्य सुशील गौशालामें ३६ गाय मृत मिली हैं ! दिल्लीके विकास मन्त्री गोपाल रायने इस घटनाको गम्भीर बताते हुए २४ घण्टेके अन्दर जांच विवरण अधिकारियोंसे मांगा है । वहीं, दिल्ली पुलिसने भी इसमें संज्ञान लेते हुए परिवादपर कार्यवाही आरम्भ कर दी है । पुलिसके अनुसार, मृत मिली गायोंको जांचके लिए भेज दिया है । गाय कैसे और किन स्थितियोंमें मृत हुई हैं ?, इसकी जांचके लिए पशुपालन विभागका दल जांच कर रहा है । ब्यौरा मिलनेके पश्चात पुलिस इसमें आगेकी कार्यवाही करेगी ।
     
दिल्लीके द्वारकामें स्थित घुम्मनहेडा क्षेत्रमें वर्ष १९९५ से आचार्य सुशील गौशाला संचालित है । शुक्रवार दोपहर पुलिस नियन्त्रण कक्षमें गायोंके मृत मिलनेकी सूचना मिली, जिसके पश्चात पुलिसने जांच आरम्भ की । पुलिसके अनुसार गौशालाका लगभग २० एकडमें विस्तार है । यहां पुलिसको लगभग १४०० गाय मिली हैं, इनमें से ३६ मृत पाई गई हैं । प्रथम दृष्टया किसी रोगके कारण इनके मृत होनेकी आशंका है । यद्यपि प्रश्न है कि मृत्युके पश्चात भी इन गायोंको समय से दबाया क्यों नहीं गया ?
     
द्वारका पुलिसके डीसीपी एण्टो अल्फोंसका कहना है कि इस घटनाकी जांचके लिए पशुपालन विभागके दलको सूचना दी गई थी । इसके बाद जांच दलने जांच आरम्भ कर दी है । शनिवार शाम तक ब्यौरा मिलनेके पश्चात पुलिस आगेकी कार्यवाही करेगी ।   
तीन दर्जन गाय मृत मिलनेकी सूचनाने पूरे क्षेत्रमें हडकम्प मचा दिया है । वहीं गौशालाके आसपासके लोगोंका कहना है कि यहां न तो चिकित्सक है और न ही पशुओंकी देखरेखके लिए कोई कर्मचारी है । यद्यपि पुलिसका भी यही कहना है कि उन्हें गौशालामें २० श्रमिकोंके ही कार्य करनेकी सूचना है । इतना ही नहीं, निकटवर्ती लोगोंकी मानें तो गौशालामें गायोंके खानपानको लेकर भी कोई व्यवस्था नहीं है ! लोगोंकी मानें तो २० एकडमें फैली इस गौशालाको दिल्ली नगर निगमकी ओरसे गायोंपर काफी अनुदान भी मिलता है, फिर भी यहां व्यवस्था नहीं हैं । वहीं गौशालाके कुछ भागको छोड दें तो बाकी भूमि किसी दलदल से कम नहीं दिखती ! गौशालामें स्वच्छताकी व्यवस्था भी देखने को नहीं मिली ! चारों ओर गन्दगीका दृश्य है । अस्वच्छ जलके कारण यहां मच्छर और कीट पतंगोंका प्रभाव भी अत्यधिक है !   

विकास मन्त्री गोपाल रायका कहना है कि गायोंके मृत अवस्थामें मिलनेकी सूचना मिली है और इसपर तत्काल जांच कर ब्यौरा २४ घण्टेके भीतर देनेके निर्देश दिए हैं । दोषियोंके विरुद्ध शासन कडी कार्यवाही करेगी ।
    
दक्षिणी दिल्ली नगर निगमके नरेन्द्र चावलाने इस प्रकारसे गायोंका मृत अवस्थामें मिलना लज्जाजनक बताया है । यह गौशाला दिल्ली शासनके अधीन आती है । दिल्ली नगर निगमकी ओर से गायोंको यहां भेजा जाता है, जबकि इसके संचालनसे लेकर देखरेखका उत्तरदायित्व दिल्ली शासनका है ।

द्वारकाके डीसीपीने कहा कि गौशालाके संचालकों, श्रमिकों और आसपासके लोगोंसे पूछताछ की गई है । पशुपालन विभागके दलने भी जांच आरम्भ कर दी है । वहीं मृत गायोंको शवपरीक्षणके लिए भिजवा दिया है । मरनेका कारण ज्ञात होने और पशुपालन विभागका ब्यौरा मिलनेके पश्चात आगे कार्यवाहीकी जाएगी ।

स्रोत : अमर उजाला



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