अप्रैल २, २०१९
पूर्व क्रिकेटर गौतम गम्भीरने मंगलवार, २ अप्रैलको नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के नेता और जम्मू-कश्मीरके पूर्व मुख्यमन्त्री उमर अब्दुल्लाको परोक्ष रूपसे परामर्श दिया कि उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए । गम्भीरने उमरके उस वक्तव्यपर यह टिप्पणी की, जिसमें एनसी नेताने कहा था कि उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीरकी स्वायत्तता लानेका प्रयास करेगी और वहां एक बार पुनः ‘वजीर-ए-आजम’ (प्रधानमन्त्री) हो सकता है ।
पूर्व क्रिकेटरने ट्वीट किया, ”उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीरके लिए एक पृथक प्रधानमन्त्री चाहते हैं और मैं महासागरपर चलना चाहता हूं । उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीरके लिए पृथक प्रधानमन्त्री चाहते हैं और मैं चाहता हूं कि सूअर उडने लगें ।” उन्होंने कहा कि उमरको ”थोडी निद्रा और एक कडक कॉफी”की आवश्यकता है और यदि वह फिर भी नहीं समझ पाए तो उन्हें ”हरे पाकिस्तानी पारपत्र (पासपोर्ट)”की आवश्यकता है ।
उमरने भाजपा नेतापर पलटवार करते हुए ट्वीट किया, ”गौतम, मैंने कभी अधिक क्रिकेट नहीं खेली; क्योंकि मुझे ज्ञात था कि मैं इसमें अधिक अच्छा नहीं हूं । आप जम्मू-कश्मीर, इसके इतिहास या इतिहासको आकार देनेमें नेशनल कांफ्रेंसकी भूमिकाके बारेमें अधिक जानते नहीं, फिर भी आप अपनी अनभिज्ञता सबको दिखानेपर लगे हैं ।” उन्होंने कहा कि गम्भीरको केवल उन्हीं चीजोंपर केन्द्रित करना चाहिए, जिन्हें वे जानते हैं और वे ”इंडियन प्रीमियर लीग”के बारेमें ट्वीट करें ।
“उमर यह जान लें कि देशका प्रत्येक नागरिक अनुचित कार्यका विरोध कर सकता है और यदि यह नहीं होता तो ऐसे कश्मीरको पृथक करनेकी सोचनेवाले नेता कबका राष्ट्रके कई विभाजन कर दिए होते और उमर यह स्मरण रखें कि कश्मीर भारतका अभिन्न अंग है और यदि प्रधानमन्त्री बननेका दिवास्वप्न न देखें । भारत विरुद्घ विष उगलकर भारतकी खानेवाले इन नेताओंको तनिक भी लज्जा नहीं आती है, क्या ऐसे लोग भारतमें रहने योग्य है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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