जनवरी २, २०१९
भारतीय सेनाके लिए हृदयमें विशेष स्थान रखनेवाले भारतके पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर इसबार एक पूर्व सैनिककी सहायताके लिए आगे आए हैं । गम्भीरके कारण अब उस व्यक्तिको सेनासे सहायता मिल सकती है, जो समयसे अटकी हुई थी । शनिवार, २ जनवरीको गम्भीरने एक व्यक्तिका चित्र ट्वीट करके बताया कि वह पूर्व सैनिक हैं और सहायता न मिलनेके चलते उन्हें भीख मांगनेपर विवश होना पडा । इसके पश्चात रक्षा मंत्रालयने व्यक्तिकी सहायताका विश्वास दिया है ।
गंभीरने व्यक्तिका चित्र पोस्ट करते हुए साथमें लिखा, ‘यह हैं पीताम्बरन, जिनकी आईडी देखकर ज्ञात होता सकता है कि उन्होंने १९६५ और १९७१ में भारतीय सेनामें सेवा की । उनका कहना है कि तकनीकी कारणो़से सेनासे जो उन्हें सहायता मिलनी थी, वह अटक गई । मैं इनकी सहायताकी मांग करता हूं । यह ‘कनॉट प्लेस’के ‘ए ब्लॉक’पर भीख मांग रहे हैं ।’
इसपर रक्षा मंत्रालयसे उत्तर आया । सहायताका आश्वासन देते हुए रक्षा मन्त्रालयके प्रवक्ताके आधिकारिक ‘ट्विटर हैंडल’से लिखा गया, “हम आपकी ओरसे इस बातको उठानेकी प्रशंसा करते हैं और आश्वासन देते हैं कि शीघ्रातिशीघ्र प्रत्येक आवश्यक पग लिया जाएगा ।’
“माना गया है कि क्रिकेट एक ऐसा खेल है, जिसने राष्ट्रीयताको नष्ट करनेका सबसे बडा कार्य किया है और केवल मादकता, फुहडता व संस्कारहीनताका प्रचार करनेवाले लोग ही इस राष्ट्रको दिए है; परन्तु अपवाद प्रत्येक स्थानपर हैं और गौतम उन्हींमेंसे एक है । सेना व राष्ट्रके प्रति इनकी निष्ठा प्रशंसनीय है; परन्तु जक प्रश्न उठता है कि देशको लूटनेवाले भ्रष्ट नेताओंको हम सत्ताच्युत करनेके पश्चात भी बडे भवन देते हैं तो सैनिकोके प्रकरणमें ऐसी चूके क्यों हो जाती है ? इस प्रश्नका उत्तर आप सभी स्वयं विचार करें ! ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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