घरका वैद्य – गुड (भाग-१)


प्राकृतिक मिष्टान्नके रूपमें जाना जानेवाला गुड, स्वादके साथ ही स्वास्थ्यका भी कोष है । यदि आप अबतक इसके स्वस्थ्यवर्धक गुणोंसे अपरिचित हैं, तो अब जान लीजिए, गुड खानेके लाभ :

गुडमें भरपूर मात्रामें ‘कैल्‍शियम’ और ‘फास्‍फोरस’ पाया जाता है । यह दोनों तत्‍व अस्थियोंको (‘हड्डियों’को) बल देनेमें अत्यधिक सहयोगी हैं ।

गुड दो प्रकारका होता है । एक गुड रसायनोंकी सहायतासे बनाया जाता है, इस गुडसे बनाई गई चाय सदा फट जाएगी । दूसरे प्रकारके गुडमें रसायन (कैमिकल) नहीं मिलाए जाते और ऐसा गुड दिखनेमें काला दिखाई देता है । इसके विपरीत यदि रसायनवाले गुडकी बात की जाए तो वह दिखनेमें पीला या श्वेत होता है, इस गुडकी चाय सदा फटेगी ।

गुडमें ‘कैल्शियम’, ‘फास्फोरस’, ‘मैग्नीशियम’, ‘पोटेशियम’, ‘आयरन’ और कुछ मात्रामें ‘कॉपर’ जैसे स्वास्थ्यवर्धक खनिज पदार्थ होते हैं ।

गुडमें ‘ब्राउन-शुगर’की अपेक्षा पांच गुणा अधिक और शक्करकी अपेक्षा पचास गुणा अधिक खनिज (मिनरल्स) होते हैं ।



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