घरका वैद्य – गुड (भाग-६)


गुडका उपयोग रक्तकी कमीमें : इसमें ‘आयरन’ (iron) और ‘फोलेट’ (folate) होता हैं, जो लाल रक्त कोशिकाओंका स्तर, सामान्य बनाए रखनेमें सहायता करते हैं और ‘एनीमिया’को रोकते हैं । इसका सेवन करना गर्भवती महिलाओंके लिए विशेष रूपसे लाभदायक रहता है । इसके अतिरिक्त, गुड शरीरको तुरन्त ऊर्जा प्रदान करनेमें भी सहायता करता है । यदि आपके शरीरमें रक्तकी न्यूनता है तो आप प्रतिदिन गुडका सेवन कीजिए । इससे आपकी रक्तकी कमी न्यून होगी और शरीरमें लाल रक्त कोशिकाओंकी मात्रा बढेगी ।

गुडका लाभ रक्तचापके लिए : गुड एक ऐसी लाभदयाक औषधि है जो आपके रक्तचापको नियन्त्रणमें रखती है । साथ ही जिन लोगोंको उच्च रक्तचापकी (हाई ब्लड प्रेशरकी) बहुत अधिक पीडा होती है; उन्हें इसका सेवन अवश्य करना चाहिए । गुडमें ‘पोटेशियम’ और ‘सोडियम’ भी सम्मिलित होते हैं, जो शरीरमें अम्लके (एसिडके) स्तरको सामान्य बनाए रखनेमें एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि रक्तचापका सामान्य स्तर बना रहे ।

हृदय रोगके लिए गुडका लाभ : हृदय रोगसे बचनेके लिए आपको गुडका सेवन करना चाहिए । गुड रक्तमें ‘हीमोग्लोबिन’की मात्राको बढानेमें सहायता करता है । यह प्रतिरक्षा प्रणालीको भी बढाता है, विभिन्न प्रकारके रक्त विकारों और रोगोंको रोकनेमें सहायता करता है । गुडका सेवन अच्छा उपचार है, जो आपको हृदयके रोग होनेकी आशंकासे बहुत दूर रखता है ।



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