घरका वैद्य – लौंग (भाग – ४)


★ ६ ग्राम लौंगको जलमें पीसकर गर्मकर गाढा लेप कर्णपट्टियोंपर लेप करनेसे सिरकी पीडा दूर होती है ।
★ लौंगके तेलको सिर और माथेपर लगाए या नाकके दोनों औरके नथुनोंमें डालें। इससे सिरकी पीडा  दूर हो जाती है।
१५. उदरकी गैस :  २ लौंग पीसकर उबलते हुए आधा कप जलमें डालें। फिर कुछ ठंडा होनेपर पी लें । इस प्रकार यह प्रयोग प्रतिदिन ३ बार करनेसे उदरकी गैसमें लाभ मिलेगा।
१६. अम्लपित्त : अम्लपित्तसे पाचनशक्ति बिगड जाती है । अम्लपित्तके रोगीको चाय कॉफीसे हानि होती है । इस अवस्थामें भोजनके बाद १ – १ लौंग सुबह – संध्यामें सेवन करनेसे अम्लपित्तके सभी रोगोंमें लाभ होता है और अम्लपित्त ठीक हो जाता है अथवा १५ ग्राम हरे आंवलोंका रस ५ पिसी हुई लौंग, १ चम्मच शहद और १ चम्मच चीनी मिलाकर रोगीको सेवन कराएं । इसे प्रतिदिन सुबह, दोपहर और संध्याको ३ बार सेवन करनेसे कुछ ही दिनोंमें लाभ होता है ।
● सवेरे और संध्यामें भोजनके पश्चात १ – १ लौंग सेवन करनेसे लाभ मिलता है ।
१७. आन्त्रज्वर (टायफाइड) : इसमें लौंगका जल पिलाना लाभकारी होता  है । ५ लौंग २ किलो जलमें उबालकर आधा जल शेष रहनेपर छान लें। इस जलको रोगीको दिनमें बार-बार पिलाएं ।
१८. गर्भनिरोध : नियमित रूपसे सुबहके समय १ लौंगका सेवन करने वालीको स्त्रीके गर्भधारण करनेकी सम्भावना समाप्त हो जाती है ।
१९. सर्दी लगना : लौंगका काढा बनाकर खानेसे या लौंगके तेलकी २ बूंद चीनीमें डालकर खानेसे सर्दी समाप्त होती है ।
२०. मुखकी दुर्गंध : लौंगको मुखमें रखनेसे मुख और सांसकी दुर्गंध दूर होती है ।
२१. खांसी : २ लौंगको गर्म तवेपर भूनकर (गर्म तवेपर लौंग १ मिनटमें ही फूलकर मोटी हो जाएगी तभी उतार लेते हैं।) तथा पीसकर १ चम्मच दूधमें मिलाकर गुनगुना सा ही बच्चोंको सोते समय पिला देनेसे खांसीसे छुटकारा मिल जाता है ।
● १ भाग लौंग और २ भाग अनारके छिलकेको मिलाकर पीसकर इनका चौथाई चम्मच आधे चम्मच शहदमें मिलाकर प्रतिदिन ३ बार चाटनेसे खांसीके रोगमें लाभ मिलता है ।
लौंगकी हानियां :
अधिक लौंग खानेसे गुर्दे और आंतोंको हानि पहुंच सकती है ।


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