* ‘कब्ज’ न होने दे मक्का : मक्काके आटेका सेवन करनेसे शरीरमें पर्याप्त मात्रामें ‘फाइबर’ पहुंचता है, जिससे शरीरमें ‘कोलेस्ट्रॉल’का स्तर भी सामान्य बना रहता है । मलबद्धताकी समस्या भी उत्पन्न नहीं होती है ।
* ‘हाइपरटेंशन’से बचाए : प्रतिदिन मक्काके आटेका सेवन करनेसे शरीरको पर्याप्त मात्रामें ‘विटामिन बी’ मिलता है, जिससे ‘हाइपरटेंशन’की समस्या नहीं उत्पन्न होती है । इससे रक्तचाप भी नियन्त्रित रहता है ।
* एनीमियाके रोगियोंके लिए : शरीरमें यदि लाल रक्त कणिकाओंका निर्माण कम हो जाए तो इस स्थितिको ‘एनिमिया’ कहा जाता है । ऐसेमें ‘एनीमिया’के रोगियोंके लिए मक्केका आटा बहुत लाभकारी होता है । मक्केमें ‘जिंक’, ‘आयरन’ और ‘बीटा-कैरोटिन’ होता है, जो शरीरमें लाल रक्त कणिकाओंका निर्माण बढानेका कार्य करता है । इसके अतिरिक्त मक्काका आटा ‘विटामिनों’की कमीको भी दूर करनेका कार्य करता है । इससे कई रोगोंकी आशङ्का कम हो जाती है । मक्काद्वारा ‘एनीमिया’की समस्यासे भी बचा जा सकता है ।
‘आयरन’की कमीके कारण ‘एनीमिया’ होनेकी आशङ्का रहती है । भुट्टाके सेवनसे शरीरमें ‘आयरन’की कमीको पूरा किया जा सकता है । ‘आयरन’की कमीके अतिरिक्त, ‘विटामिन’ ‘बी-12’, ‘फोलिक एसिड’ या कोई गम्भीर रोग भी एनीमियाका कारण हो सकता है । भुट्टेमें ‘आयरन’के साथ-साथ ‘फोलिक एसिड’/’फोलेट’ और ‘विटामिन बी-12’ भी पाया जाता है, जो एनीमियासे मुक्ति दिलानेमें सहायक होता है । मक्काके आटेमें ‘आयरन’ होता है, इसलिए इसका सेवन करनेसे ‘एनीमिया’की समस्या उत्पन्न नहीं होती है । मक्काके आटेका सेवन करनेसे रक्तकी कमी नहीं होती है और शरीरमें ‘हिमोग्लोबिन’का स्तर भी ठीक बना रहता है ।
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