घरका वैद्य – प्राणायाम चिकित्सा – उज्जायी प्राणायाम (भाग-३)


उज्जायी प्राणायामको खडे होकर कैसे करें ?
* सबसे पहले आप सावधानकी अवस्थामें खडे हो जाएं ! ध्यान रहे कि आपकी दोनों एडियां आपसमें मिली हों और दोनों पंजे फैले हुए हों ।
* अब अपनी जीभको नालीके समान बनाकर होठोंके मध्यसे हलका-सा बाहर निकालें !
* अब बाहर निकली हुई जीभसे भीतरकी वायुको धीरे-धीरे बाहर निकालें !
* अब  अपनी दोनों नासिकाओंसे धीरे-धीरे  गहरी श्वास लें !
* अब यहांपर आपको आन्तरिक कुम्भक करना है, यहां कुम्भकका अर्थ है, श्वासको जितना हो सके रोकें !
* इसके पश्चात अपने शरीरको थोडा ढीला छोडकर श्वासको धीरे-धीरे बाहर निकाल दें !
* अब इसी क्रियाको आप १०-१२ बार करें !
 उज्जायी प्राणायामको लेटकर कैसे करें ?
* सबसे पहले किसी समतल भूमिपर ‘दरी’ बिछाकर, उसपर सीधे लेट जाएं !
* अपने दोनों पांवोंको सटाकर रखें और अपने पूरे शरीरको ढीला छोड दें !
* अब धीरे-धीरे लम्बी श्वास लें !
* अब श्वासको जितना हो सके, उतने समयतक भीतर रखें अर्थात आन्तरिक कुम्भक करें !
* इसके पश्चात अपने शरीरको थोडा ढीला छोडकर श्वासको धीरे-धीरे बाहर निकाल दें !
* अब इसी क्रियाको आप १५-२० सेकेण्डतक करें ।


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