लोनी दाढी प्रकरणमें कांग्रेस राजनेता और ‘द वायर’के संस्थापकको गाजियाबाद ‘पुलिस’ने भेजी अधिसूचना (नोटिस)


०४ जुलाई, २०२१
   गाजियाबादके लोनी क्षेत्रमें अब्दुल नामक व्यक्तिकी दाढी काटनेके प्रकरणमें ‘जय श्रीराम’का उद्घोष बलपूर्वक करानेके आरोप अन्तर्गत अब ‘ट्विटर’ समस्याओंमें घिरता दृष्टिगत हो रहा है । ‘पुलिस’ने इस प्रकरणमें ‘ट्विटर’के पूर्व अधिकारी सहित पांच लोगोंको पुनः अधिसूचना भेजी है । समाचारके अनुसार, जिन लोगोंको अधिसूचना भेजी गई है, उनमें कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद और ‘द वायर’के संस्थापक सिद्धार्थ वर्धराजनका नाम भी है । इसके अतिरिक्त सलमान निजामी, मशकर उस्मानी और ‘ट्विटर इंक’के पूर्व ‘रेजिडेंट ग्रीवेंस ऑफीसर फॉर इंडिया’ धर्मेंद्र चतुरका नाम भी सम्मिलित हैं । गाजियाबादके लोनी पुलिसने ‘सीआरपीसीकी ‘धारा- ४१ए’के अन्तर्गत यह ”नोटिस’ जारी किया है एवं आरोपियोंको १ सप्ताहके भीतर उत्तर देनेके लिए कहा गया है । वहीं इससे पूर्व भी प्रकरणको छद्म स्वरूप देनेके आरोपमें ‘पुलिस’ने १७ जूनको ‘टि्वटर इंडिया’के ‘एमडी’ मनीष माहेश्वरीको भी ‘नोटिस’ भेजा था । उल्लेखनीय है कि उक्त सभीपर आरोप है कि उन्होंने उस ‘वीडियो’को साझा किया था, जिसमें एक वृद्ध अब्दुल सैफी कहता हुआ दृष्टिगत हो रहा था कि कुछ युवकोंने उनकी कथित रूपसे पिटाईकी थी तथा ‘जय श्रीराम’का घोष करनेके लिए बाध्य भी किया था । इसी अन्तर्गत पुलिसने सभीको साम्प्रदायिक उपद्रव प्रसारित करनेका आरोपी माना है । वहीं प्रकरणके २ दिन पश्चात ही प्रविष्ट प्राथमिकमें सैफीने इस प्रकारका कुछ भी वक्तव्य नहीं दिया ।
       देशमें साम्प्रदायिक तनावको प्रसारित करने हेतु वामपन्थी व जिहादी प्रयासरत हैं । सभी हिन्दुओंको ऐसे राष्ट्रद्रोहियोंका न्यायिक मार्गसे पूर्णतः विरोध करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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