दिसम्बर १४, २०१८
उत्तर प्रदेशके गाजियाबादमें तीन तलाकका एक ऐसा प्रकरण सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई यही कहेगा कि इस बातपर कोई कैसे अपनी पत्नीको तलाक देनेकी सोच सकता है ?
महिलाने पुत्रीकी औषधिके लिए रुपये मांगे, जिसपर पतिने पत्नीको तीन तलाक दे डाला ! आरोप है कि पतिने तलाक देनेके पश्चात पत्नीको घरसे भी निकाल दिया !
इस बातसे महिलाको कुछ समझ न आया तो वह महिला थाने पहुंच गई और पतिके विरुद्ध परिवाद प्रविष्ट करा दी । इसके पश्चात पुलिसने परामर्शके लिए दोनों पक्षोंको थानेमें बुलाया । यहां प्रकरण सुलझनेके स्थानपर उलझ गया और दोनों थानेमें ही लडने लगे ! दोनोंको २० दिसम्बरकी अगली तिथि दी गई है ।
उल्लेखनीय है कि २०१५ के मार्चमें मसूरीके पास रहने वाले लडकेका विवाह फिरोजाबादकी लडकीसे हुआ था । विवाहके पश्चातसे ही दोनोंमें झगडे होने लगे । महिलाने पतिपर आरोप लगाया है कि ६ नवम्बरको उसके पतिने इस बातपर उसे तीन तलाक दे दिया, क्योंकि उसने अपनी १३ माहकी पुत्रीकी औषधिके लिए रुपये मांगे थे ।
“वस्तुतः धर्मान्ध ऐसा इस्लामका आदेश मान करते हैं और प्रशासन व विधानका भय उन्हें है ही नहीं, क्योंकि उनके लिए शरियाका विधान किया गया है ! तो ऐसेमें ये दुष्कृत्य नहीं रोके जा सकते हैं ! प्रकाशनका कडी कार्यवाही ही धर्मान्धोंको रोक सकती है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : अमर उजाला
Leave a Reply