गोवाके उच्च न्यायालयने अजानके उच्च ध्वनि प्रसारपर लगाया प्रतिबन्ध
२२ मार्च, २०२१
गोवामें मस्जिदोंसे उच्च ध्वनिके प्रसारपर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है । एक बडे संस्थानके ‘सॉफ्टवेयर’के अभियन्ताने इसके परिवादमें प्रकरण प्रविष्ट कराया था कि वह कोलाहलके कारण कार्य नहीं कर पा रहा । उसने कोलाहलसे पर्यावरणका आधार बताकर अपने मौलिक अधिकारका हनन बताया । इसके परिणाममें उच्च न्यायालयने ‘एडिशनल कलेक्टर’से इसके बारेमें लिखित विवरण मांगा ।
जनपदके न्यायाधीशने इस आदेशको पारित कर दिया और कहा कि सम्बन्धित अधिकारीकी अनुमतिके बिना इन यन्त्रोंका उपयोग नहीं किया जा सकता । पुलिसको भी निर्देश दिए गए हैं कि उक्त मस्जिदोंपर पूर्णतः चौकसी रखी जाए और यह सुनिश्चित करें कि मस्जिदें इन आदेशोंका पालन कर रही हैं ।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी प्रयागराजमें कुलपतिके परिवादपर रात दस बजेसे प्रातः छह बजेतक मस्जिदोंद्वारा उच्च ध्वनि प्रसारक यन्त्रोंपर पूर्णतः कडा प्रतिबन्ध लगाया जा चुका है ।
रातभर ‘लाउडस्पीकरों’के माध्यमसे कोलाहल करना अब उनका स्वभावसा बन गया है, जिससे वे प्रदूषणके साथ-साथ मानसिक अशान्ति फैलानेको ही अपना धर्म समझने लगे हैं । सभी मस्जिदोंसे ऐसे प्रसारकयन्त्र हटाए जाने चाहिए जिससे वहांके निवासियोंको शान्त मनसे कार्य करनेमें सहायता मिल सके तथा वृद्धों, रोगियों और बच्चों और अन्य नागरिकोंको मानसिक तनावसे बचाया जा सके । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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