केरल स्वर्ण तस्करी प्रकरणमें मुख्यमन्त्री ले जा रहे थे ‘डॉलर’की गठरी, चूकसे छूटी
१३ अगस्त, २०२१
केरलके स्वर्ण और ‘डॉलर’ तस्करी प्रकरणके आरोपी स्वप्न सुरेश और पीएस सरिथने सीमा शुल्क विभागके सामने बडा तथ्य उजागर किया है । आरोपियोंने सीमाशुल्क विभागको बताया है कि केरलके मुख्यमन्त्री पिनाराई विजयन २०१७ में संयुक्त अरब अमीरातकी अपनी यात्राके मध्य यूएई ‘डॉलर’की पोटली लेकर जानेवाले थे । जिसने यह जानकारी दी है, उसका नाम पीएस सरिथ है । पीएस सरिथके अनुसार, स्वप्नाने उन्हें ‘कॉल’ किया था । मुख्यमन्त्री विजयनके संयुक्त अरब अमीरातके लिए जानेके पश्चात ‘कॉल’पर सरितने कहा था कि मुख्यमन्त्री एक ‘पैकेट’ अपने साथ ले जाना भूल गए हैं और महावाणिज्य दूत चाहते हैं कि वह उसे अपने साथ ले जाए । सरितने बताया कि सामान्य प्रशासन विभागके एक कर्मचारीने सचिवालयमें उन्हें वो ‘पैकेट’ दिया था । जिज्ञासावश सरिथने उस ‘पैकेट’को ‘X-रे मशीन’में डाला तो ज्ञात हुआ कि उसमें मुद्राएं और कुछ अन्य वस्तुएं हैं । सीमा शुल्क विभागके अनुसार, वाणिज्य दूतावासके पूर्व कर्मचारी पीएस सरिथने गत वर्ष अक्टूबरमें इसको लेकर वक्तव्य दिया था । सीमाशुल्क विभाग स्वर्ण तस्करीके प्रकरणकी जांच कर रहा था तो उसी मध्य विभागको ‘कॉन्सुलेट’के पूर्व ‘फाइनैंशियल हेड’ खालेद मोहम्मद अल शौकरीने अवैध ढंगसे १,९०,००० ‘अमेरिकन डॉलर’के (लगभग १,४०,९६,१०० भारतीय रुपए) विषयमें जानकारी दी थी । इसके अतिरिक्त सीमाशुल्क विभागने ‘डॉलर’के अवैध निर्यातके प्रकरणमें पिछले मास २९ जुलाई २०२१ को ६ लोगोंको कारण बताओ ‘नोटिस’ जारी किया था, जिसमें मुख्यमन्त्री विजयनके विरुद्ध ‘दावे’का उल्लेख किया गया था । प्रकरणमें साक्ष्योंके आधारपर निर्णय सुनाए जानेसे पूर्व शौकरी, सरिथ, स्वप्ना सुरेश (तत्कालीन वाणिज्य दूतावासमें कार्यकारी सचिव) और विजयन पी शिवशंकरके पूर्व प्रधान सचिव सहित छहको ३० दिनोंके भीतर अपना उत्तर प्रविष्ट करनेके लिए कहा गया है । स्वप्ना सोनेकी तस्करीके प्रकरणमें भी आरोपी है ।
भ्रष्ट नेताओंने अवैध रूपसे धन एवं स्वर्ण विदेशोंमें जमा किया हुआ है । मुख्यमन्त्री अपने पदका दुरुपयोगकर इसको विदेश भेज रहे थे, यह तो जांच ‘मशीन’पर आ गया तो यह प्रकरण ज्ञात हुआ । पूर्वमें कितना धन व सम्पत्ति विदेशोंमें इन भ्रष्ट नेताओंने भेजी होगी, यह कहना कठिन है; अतः हम सबको इन भ्रष्टाचारियोंका वैध मार्गसे विरोधकर इन्हें कठोर दण्ड मिले, ऐसे प्रयास करने चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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