जुलाई १८, २०१८
जम्मू-कश्मीर शासनने दूरभाष संचार परिचालकोंको (केबल ऑपरेटरों) घाटीमें शान्ति बनाए रखनेके उद्देश्य से तत्काल प्रतिबन्धित प्रसार वाहनियोंके (चैनल) प्रसारण और संचारणपर प्रतिबन्द लगानेके आदेश दिए है । इस सन्दर्भमें १२ जुलाईको श्रीनगरके अतिरिक्त प्रान्त आयुक्तद्वारा (एडीसी) जारी एक आदेशको श्रीनगरमें दूरभाष संचार परिचालकोंके सभी प्रमुखोंको भेजा गया ।
आदेशमें आरोप लगाया है कि श्रीनगरके अधिकार क्षेत्रमें अनिश्चित और प्रतिबन्धित निजी प्रसार माध्यमोंका प्रसार और संचरण किया जा रहा है । वहीं शासनके इस निर्णयको लेकर परिचालक निराश हैं । उनका कहना है कि शासनद्वारा लगभग ३० प्रसार माध्यम बन्द करनेको कहे हैं, जिनमेंसे आधेसे अधिक इस्लामिक हैं; यद्यपि इसपर कोई भी खुलकर सामने नहीं आ रहा; लेकिन कुछने सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर अपना रोष व्यक्त किया है ।
एकने पीस टीवी इंग्लिश, पीस टीवी उर्दू, एआरवाय क्यूटीवी, मदनी चैनल, नूर टीवी, आदि जैसे लगभग १८ संचार माध्यमोंका सन्दर्भ देते हुए कहा है कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि इनमें हिंसाको प्रोत्साहित करनेकी क्षमता कैसे है ?
दिए आदेशमें परिचालकोंको एडीसी श्रीनगरके समक्ष ‘नोटरीकृत’ शपथपत्र (एफिडेविट) प्रस्तुत करनेको कहा गया है । यदि केबल ऑपरेटर यह जमा करनेमें विफल रहते हैं, तो ‘सीटीएन (विनियमन) अधिनियम १९९५’के प्रावधानके अन्तर्गत उनके विरुद्ध कार्यवाहीकी जाएगी ।”
इन दूरभाष संचार माध्यमोंके प्रसारणपर लगेगी रोक
राज्यके प्रमुख गृहसचिव आरके गोयलने आदेश देकर पीसी टीवी उर्दू, पीस टीवी इंग्लिश, एआरवाई क्यूटीवी, मदनी चैनल, नूर टीवी, हादी टीवी, पैगाम, हिदायत, सऊदी-अल-सुन्ना अल नवाबियाह, सऊदी-अल-कुरान-अल करीम, सहर, करबला टीवी, एहल-ए-बैयत टीवी, मैसेज टीवी, हम टीवी, एआरवाई डिजिटल एशिया, हम सितारे, एआरवाई जिंदगी, पीटीवी स्पोर्ट्स, एआरवाई म्यूजिक, टीवी वन, एआरवाई मसाला, एआरवाई जौक, ए टीवी, जियो न्यूज, एआरवाई न्यूज एशिया, अब तक न्यूज, वासेब टीवी, ९२ न्यूज, दुनिया न्यूज, सामना न्यूज, जियो तेज, एक्सप्रेस न्यूज, एआरवाई न्यूजका प्रसारण बन्द करनेका निर्देश दिया है ।
स्रोत : अमर उजाला
Leave a Reply