मन्दिरके निकट शव दफनानेपर खोद दी ‘कब्र’, उत्तरप्रदेश पुलिस प्रशासनने चलवाई ‘जेसीबी’


०९ दिसम्बर, २०२०

उत्तर प्रदेशके बदायूंके बिल्सी नगरमें मन्दिरके निकट कब्र खोदनेपर साम्प्रदायिक तनाव हो गया । ‘दैनिक जागरण’के समाचार अनुसार, सकुरी नामक व्यक्तिके पुत्र समीरकी आकस्मिक मृत्यु सोमवारको ईंटोंसे भरी ‘ट्रॉली’ पलटनेसे हो गई । मंगलवारको उसके परिजनने शवको दफनाने हेतु मन्दिरके निकट भूमि खोद दी । स्थानीय जनोंने इसका विरोध किया; परन्तु परिजन वहीं दफनाने हेतु अडे रहे ।
पुलिस त्वरित वहां पहुंची । स्थानीय तहसीलदारने भूमिका ‘रेकॉर्ड’ दर्शाया, तो ज्ञात हुआ कि उस भूमिपर पीपलका वृक्ष है, तथा उसके निकटकी भूमि कुछ अन्य लोगोंके नाम है । यह ज्ञात होनेके उपरान्त पुलिसके कठोरता दर्शानेपर दूसरे समुदायके लोग शान्त हुए ।
पुलिसने ‘जेसीबी’से पुनः भूमिको समतल करवा दिया है । सुरक्षा हेतु वहां पुलिस लगाई गई है । वर्तमानमें तनाव जैसी कोई स्थिती नहीं है ।
इस घटनाके उपरान्त, समुदाय विशेषकी मंशापर प्रश्न उठे हैं । शिवानी भटनागर इसपर प्रतिक्रिया देते कहती हैं कि भूमि अधिगृहित करनेकी इस समुदायकी यह पुरातन रीति है । अपना अनुभव बताते हुए वे कहती हैं कि उनके पुरातन भवनके निकट ऐसी ही भूमि थी । कुछ दिन बाद दूसरे समुदायके कुछ लोग वहां नित्य नमाज पढने आने लगे । फिर उनकी संङ्ख्यामें वृद्धि होती गई और अब वह भूमि उनके अधिग्रहणमें है ।

          यह समुदाय अपनी इच्छानुसार किसीभी स्थानपर कब्र बनाकर उस भूमिको अधिगृहित करनेका प्रयास करता है । कुछ रेलवे स्थानकोंपर भी इनकी कब्रें दृष्टिगत होती हैं, तो कहीं मुख्य बाजारके क्षेत्रोंमें भी कब्र देखी गई है । अनेक बार तो प्रशासन द्वारा रास्ते चौडे करनेमें इनकी कब्र व्यवधान बनती देखी गई हैं । उत्तरप्रदेश प्रशासनके समान प्रत्येक राज्य प्रशासनको ऐसी घटनाओंपर सतर्कता दर्शाकर अनाधिकृत भूमि अधिग्रहण पर रोक लगानी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ

स्रोत : ऑप इंडिया



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution