दिसम्बर २०, २०१८
एक नाइजीरियन आरोपियोंसे जुडे भ्रष्टाचारमें हो रही जांचके समय स्थानीय पुलिसवालोंके सामने एक अचम्भित कर देने वाली बात सामने आई है । इन विदेशी आरोपियोंमेंसे एकके पास उसका आधार कार्ड है ! आधार, वह क्रमांक है, जो केवल भारतीय नागरिकोंको दिया जाता है और वह नाइजीरिया मूलके आरोपीके पास भी है !! अहमदाबाद साइबर विभागने पाया कि जैक्सन अमोखोलीके पास उसीके नामका आधार कार्ड है !
अहमदाबाद साइबर विभागको ज्ञात हुआ है कि नाइजीरिया मूलके जैक्सनके पास उसका चित्र, नाम, मुम्बईका निवास और चलभाष क्रमांकके साथ बना आधार कार्ड भी है ! उससे छह अन्य साथियोंके साथ मिलकर की गई एक धोखाधडीके प्रकरणमें पूछताछ की जा रही है । उसके सभी विवरण शासकीय ब्यौरेसे भी मिलते हैं !
साइबर विभागके सूत्रोंने कहा कि केवल भारतीय नागरिकोंको ही आधार कार्ड दिया जा सकता है । जांचमें अब यह भी जुड गया है कि जैक्सनको आधार कार्ड कैसे मिला ? सम्बन्धित अधिकारी इसकी जांच भी कर रहे हैं कि उसने ऐसा करनेमें किसकी सहायता ली और ‘आधार’ प्राप्त किया ।
बता दें, सभी आरोपियोंको धोखाधडीके एक प्रकरणमें पकडा गया था और उनसे पूछताछ हो रही थी । इनपर नगरके व्यापारियोंसे लगभग ३० लाखकी धोखाधडीका आरोप है । आरोप है कि कर्करोग (कैंसर) सम्बन्धी शोधकार्यके लिए व्यापारियोंको इंग्लैण्डके औषधीय कम्पनीसे कच्चा माल मंगवाना था, जिसमें इन लोगोंने मध्यस्थकी भूमिका निभाई थी ।
एक पुलिस अधिकारीने कहा, ‘नाइजीरियाके नागरिकके पास आधार कार्ड मिलना चिन्ताजनक और अचम्भित करनेवाला है । इतना ही नहीं, मुख्य आरोपी जैक्सनके दो साथियोंके पाससे नकली पारपत्र (पासपोर्ट) और उनपर नकली ‘वीजा स्टैम्प्स’ भी मिले हैं ! इसकी जांच की जाएगी ।’
“नाइजीरियाई व्यक्तिके पास आधार कार्डका मिलना हमारी व्यवस्थापर प्रश्नचिह्न है । पूर्वमें भी बांग्लादेशी धर्मान्धों व रोहिंग्याओंको उनके पहचान-पत्र बनवानेके प्रकरण सामने आए हैं तो क्या इसका अर्थ यह है कि हम कागजके नोट हेतु राष्ट्र भी बेच सकते हैं ? यह राष्ट्रके लिए तो लज्जाजनक है ही, हमारी सुरक्षापर भी प्रश्नचिह्न है ! और साथमें अन्य राष्ट्रोंके समक्ष हमारी स्थिति उजागर होती है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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