२१ धर्मान्तरित परिवार लौटे पुनः हिन्दू धर्ममें, लोभवश बने थे ईसाई


२७ जुलाई, २०२१
      गुजरातके २१ परिवारोंने पुनः सनातन धर्म अपनाया है । धर्मपुर और कपराडा तहसीलके इन परिवारोंने पांच वर्ष पूर्व लोभवश ईसाई धर्म अपनाया था । विश्व हिन्दू परिषदके प्रयासोंसे उन्हें पुनः हिन्दू धर्ममें लाया गया । हिन्दू धर्ममें पुनः आए व्यक्तिने स्वीकार किया कि दूसरे धर्मके सङ्गठनोंने उनकी कठिनाइयोंको दूर करनेका प्रलोभन देकर, धर्मान्तरण करवाया था । पांच वर्षोंके पश्चात भी उनकी कठिनाइयां ज्यों-की-त्यों बनी रहीं और उसे यह भी समझमें नहीं आया कि कौनसा धर्म अच्छा है ? इसी प्रकार उज्ज्वल भविष्यका स्वप्न दिखाकर तीन युवाओंका धर्मान्तरण हुआ था तो उन्हें भी पुनः हिन्दू धर्ममें लाया गया । धर्मान्तरित हुए रोशनलालने रोते हुए बताया कि किस प्रकार उसे मादक द्रव्य देकर विवश किया गया था और उसकी सम्पत्तिपर भी जिहादियोंने अधिकार कर लिया था । एक अन्य ‘हर्बल’ औषधिके विक्रेता अरविंदको भी दो जिहादियोंने दस लाख रुपए और सुन्दर युवतीसे विवाह करनेका प्रलोभन देकर मुसलमान बना दिया था; किन्तु उसे कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ और वह पुनः हिन्दू धर्ममें लौट आया । अब्दुल बनाए गए अमितने भी हिन्दूधर्ममें लौटकर अपने पिताको प्रसन्न कर दिया । विश्व हिन्दू परिषद इस ओर विशेष रूपसे कार्यरत होकर जनजागरण करनेके लिए सक्रिय रूपसे कार्य कर रही है ।
          ईसाइयों व जिहादियोंद्वारा लोभ और भय दिखाकर हिन्दुओंका धर्म नष्ट किया जाता रहा है, जबकि उनके धर्ममें इससे भी कहीं अधिक कठिनाइयां हैं, वस्तुतः उन्हें तो धर्म भी नहीं कहा जा सकता है, उसके उपरान्त भी मूढ हिन्दू थोडेसे प्रलोभनमें धर्म त्याग देते हैं । अब ऐसे लोगोंपर कठोरतापूर्वक कार्यवाही करते हुए, धर्मान्तरणपर शीघ्रातिशीघ्र अंकुश लगाया जाना ही चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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