गुरु वन्दना


गंगा काशी कांची द्वारा मायाऽयोध्याऽवन्ती मथुरा ।

यमुना रेवा पुष्करतीर्थ न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ॥

अर्थ : गङ्गा, यमुना, रेवा आदि पवित्र नदियां, काशी, काञ्ची, पुरी, हरिद्वार, द्वारिका, उज्जयिनी, मथुरा, अयोध्या आदि पवित्र पुरियां व पुष्करादि तीर्थ भी श्रीगुरुसे बढकर नहीं हैं, श्रीगुरुसे बढकर नहीं हैं ।



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