हबीबुल्लाहने ‘फैशन डिजाइनर’ ममताका धर्मान्तरणकर किया विवाह, तत्पश्चात उसकी अवयस्क बेटीपर रखने लगा कुदृष्टि, १२ लाख रुपये लेकर भी भागा


३ अक्टूबर, २०२१
      उत्तर प्रदेशके गोरखपुर जनपदसे धर्मान्तरणका एक प्रकरण प्रकाशमें आया है । आंध्र प्रदेशसे ममता अर्थात ममीशा खान नामकी महिलाने अपने पतिकी खोजमें गोरखपुर पहुंचकर, ‘पुलिस’से सहायता मांगी है । महिलाका आरोप है कि उसका पति बलपूर्वक धर्मान्तरण करनेके पश्चात, उससे विवाह किया और घर बनवानेके नाम पर उससे १२ लाख रुपये लेकर पलायन कर गया ।
      महिलाका कहना है कि हबीबुल्लाह नामका व्यक्ति ४ वर्ष पूर्व धनार्जनके लिए आंध्र प्रदेश गया था । वहां हबीबुल्लाहने उसे अपने प्रेमजालमें फंसा लिया और कालान्तरमें उसका बलपूर्वक धर्मान्तरण कराकर, उसका नाम ममतासे ममीशा खान रख दिया और विवाहकर लिया । महिलाने बताया कि तीन माह पूर्व हबीबुल्लाह अपने घर गोरखपुर आया था; किन्तु यहां आकर उसने अपना भ्रमणभाष बन्द कर लिया है ।
      महिलाने बताया कि हबीबुल्लाह उत्तर प्रदेशके गोरखपुरके कैम्पियरगंज ‘थाने’के कुनवार गांवका रहनेवाला है । महिला शुक्रवार १ अक्टूबर २०२१ को अपने दो बच्चोंको लेकर ‘थाने’ पहुंची और इस प्रकरणमें ‘पुलिस’से सहायता मांगी ।
      पीडिताके अनुसार, आरम्भमें तो सब ठीक था; किन्तु कुछ दिन पश्चात, आरोपित हबीबुल्लाहकी दृष्टि महिलाकी १६ वर्षकी बेटीपर टिक गई । वह अवयस्कपर यौन सम्बन्ध बनानेका दबाव डालने लगा । जब वह नहीं मानी तो उसके साथ मारपीटकर हबीबुल्लाह जुलाईमें गोरखपुर भाग आया । ममता अर्थात ममीशा खानने बताया कि उसका प्रथम पतिसे सम्बन्ध विच्छेद हो चुका है और उसके दो बच्चे हैं ।
      देशकी स्वतन्त्रताके पश्चात भी १९३५ में अंग्रेजोंद्वारा क्रियान्वित की गई, मैकालेकी आधुनिक शिक्षा प्रणालीको बनाए रखनेसे आज भारत मानसिक पराधीन बन गया है । और विनाशमें जो थोडी बहुत कमी थी, उसकी पूर्ति, आपातकालके समय १९७६ में बयालीसवें संविधान संशोधनके माध्यमसे कर दी गई; यद्यपि कई राज्योंमें ‘लव-जिहाद’ विरुद्ध विधान बने हैं; किन्तु जिहादी उसके पश्चात भी भयमुक्त होकर हिन्दू महिलाओं एवं युवतियोंका जीवन नारकीय बना रहे हैं । इन सब कुरीतियोंके समूल नाशके लिए हिन्दूराष्ट्र कितना आवश्यक है, इस बातका भान हमें देशमें हो रही इन घटनाओंसे होता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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