पुलवामा आक्रमणके पश्चात राष्ट्रद्रोहियोंका सत्य हुआ उजागर, धर्मान्ध हाफिजुर रहमानको बन्दी बनाया गया !


फरवरी २२, २०१९


पुलवामा आतंकी आक्रमणके पश्चात देशभरसे बडी संख्यामें आस्तीनके सांप निकलकर सामने आए हैं । पूर्वसे पश्चिम तथा उत्तरसे दक्षिणतक बडी संख्यामें राष्ट्रद्रोहियोंको बन्दी बनाया जा चुका है, जिन्होंने पुलवामा आतंकी आक्रमणमें बलिदानका उत्सव मनाया तथा आतंकी देश पाकिस्तानके समर्थनमें उद्घोष किए !

इसी क्रममें पूर्वोत्तर राज्य असमके दरंगसे सामाजिक प्रसार माध्यमपर देश विरोध और पाकिस्तान प्रेमकी पोस्ट करनेवाले धर्मान्ध हाफिजुर रहमानको बन्दी बनाया है ।  प्राप्त सूचनाके अनुसार मंगलदैके ‘वार्ड-२’के निवासी मंसूर अलीके पुत्र हाफिजुर रहमानने अपने ‘फेसबुक’ खातेसे ‘पाकिस्तानी लवर्स’ गुटमें भारतीय सेना और देशवासियोंके बारेमें आपत्तिजनक सन्देश दिया और पाकिस्तानका समर्थन किया ।

जानकारी मिलनेके पश्चात पुलिसने हाफिजुर रहमानके विरुद्ध प्रकरण प्रविष्ट किया । आरोपी हाफिजुर मंगलदै विश्वविद्दालयमें स्नातककी शिक्षा लेता है । पुलिसने बताया कि देश विरोध कार्यसे जुडे आरोपीके मित्रोंका भी संज्ञान किया जा रहा है । इस सम्बन्धमें पुलिस अधीक्षक अमृत भुयांने कहा कि लोग सोच-समझकर ही सामाजिक जालस्थलोंपर कोई टिप्पणी दें ।

 

“सबरीमाला प्रकरणने सभी निधर्मियों, धर्मान्धों व गिरिजाघरोंकी नीतिको उजागर किया और अब पुलवामा प्रकरणमें समस्त राष्ट्रद्रोहियोंको उजागर किया है । निस्सन्देह इन दोनों प्रकरणोंसे हानि राष्ट्र व सनातनकी हुई है; परन्तु सबसे बडा कार्य हुआ है, जो भाई-भाई नीतिकी आडमें राष्ट्र व धर्मद्रोही छिपे थे, वे सामने आए हैं । कई लोगोंके नेत्रोंसे धर्मनिरपेक्षताकी पट्टी हटी है और उसे अपने-परायेका बोध हुआ है; शासन भी इससे बोध लें, आतंका धर्म निर्धारित करे और इस देशको त्वरित हिन्दू राष्ट्र घोषित करे; क्योंकि यही सभी समस्याओंका एकमात्र समाधान है !”  – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : सुदर्शन न्यूज



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