पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारीको ‘जी न्यूज’ ‘एंकर’ने किया निरुत्तर, हकलाते हुए दिखे
०१ फरवरी, २०२१
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारीको ‘जी टीवी’के ‘एंकर’ अमन चोपडाने इस प्रकार निरुत्तर कर दिया कि मुसलमानोंको असुरक्षित बतानेवाले अंसारी स्वयं ही नहीं बता पाए कि किस प्रकार मुसलमान भारतमें असुरक्षित हैं ?
भारतके पूर्व उपराष्ट्रपति अपनी नूतन पुस्तक ‘बाय मैनी ए हैप्पी एक्सीटेंड’के प्रचारके लिए कार्यक्रमपर पहुंचे थे । उसी मध्य साक्षात्कार लेनेवाले अमन चोपडाने कुछ ऐसे प्रश्न पूछे, जिसने उन्हें उनकेद्वारा कही गई बातोंपर लज्जित कर दिया और वो उत्तर देते समय ‘हकलाते’ हुए दिखे ।
साक्षात्कारके समय ‘एंकर’ने १० वर्ष पदपर बने रहनेके पश्चात भारतके उपराष्ट्रपतिके रूपमें उसे छोडनेसे पहले अंसारीद्वारा दिए गए अन्तिम साक्षात्कारका वर्णन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि देशके भीतर ‘स्वीकार्यताका वातावरण’ संकटमें है । यहां अंसारीने एक बार पुनः कहा कि राष्ट्रमें मुसलमानोंके मध्य वास्तवमें एक ‘असुरक्षाकी भावना’ है ।
अमनने अंसारीसे प्रश्न किया कि क्या वह भी उसी प्रकार अनुभव करते है ?; क्योंकि वह भी एक मुसलमान हैं । इसपर अंसारीने उत्तर देनेके स्थानपर यह कहते हुए मना कर दिया कि इस विषयपर एक पृथक वार्ताकी आवश्यकता है । यद्यपि, इस मध्य अमन चोपडा हामिद अंसारीसे पूछते हैं कि क्या विगतकालमें मोदी शासनद्वारा किए गए निर्णय ‘सीएए’, ‘ट्रिपल तालक’, राम मन्दिरने तो कहीं नहीं भारतीय मुसलमानोंको असुरक्षित अनुभव करनेके लिए विवश किया है, जैसा कि अंसारीने कहा है, जिसपर हामिद अंसारी कहते है कि वह इसके लिए कोई कारण नहीं दे सकते हैं । तब अमन चोपडा यह कहते हुए हस्तक्षेप करते हैं कि वास्तवमें कोई ठोस कारण है ही नहीं, यही कारण है कि अंसारी इसपर कोई बात नहीं बोल रहे, जिसके पश्चात अमनने ‘लिंचिंग’के विषयको लेकर पूछा कि क्या यह एक कारण है कि मुसलमान असुरक्षित हैं । अपने शब्दोंको ध्यानसे चुननेके प्रयासके पश्चात हामिद अंसारी स्वीकार करते हैं कि यह एक वैधानिक व्यवस्थाका प्रकरण है । अमन चोपडा कहते हैं, “सर, लिंचिंग केवल मुसलमानोंकी ही नहीं, वरन हिन्दुओंकी भी की जाती है, वे असुरक्षित क्यों नहीं हैं ?” जिसे सुन हामिद अंसारी कुछ क्रोधमें हो जाते हैं और कहते हैं कि उन्हें विश्वास नहीं है कि हिन्दुओंकी ‘लिंचिंग’ होती है या नहीं ।” जिसपर अंसारीको घेरते और उन्हें पक्षपाती कहते हुए अमन चोपडा कहते हैं, “इसमें तो वह कई हिन्दुओंको भी गिना सकते है जिनकी ‘लिंचिंग’ बंगाल और केरलमें हुई है ।”
अमन चोपडाके प्रश्नोंने हामिद अंसारीसे ऐसे प्रश्न पूछकर उनके वास्तविक जिहादी वृत्तिको समाजके समक्ष उजागर किया है एवं मियां हामिद अपनेद्वारा ही दिए वक्तव्योंपर स्पष्टीकरण नहीं दे पाए ।
अमन सदृश पत्रकारोंपर इस देशको गर्व है, जो इस देशको भटकानेवाले लोगोंको अपने प्रश्नोंसे निरुत्तर कर उनकी वृत्तिको उजागर कर सबको सतर्क कर रहे हैं । इस देशको ऐसे ही पत्रकारोंकी आवश्यकता है, जो सत्यको सत्यकी भांति ही देखें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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