नवम्बर २८, २०१८
उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथने राजस्थानमें प्रचारके मध्य बजरंगबलीको दलित बता दिया ! उनके इस वक्तव्यपर राजस्थान ब्राह्मण सभाने विरोध प्रकट किया है । ब्राह्मण सभाने हनुमानजीको जातिमें विभाजित करनेका आरोप लगाते हुए योगी आदित्यनाथको वैधानिक अधिसूचना (नोटिस) भेजी है ।
इधर भाजपाने योगीके हनुमानकी जातिपर दिए वक्तव्यसे किनारा कर लिया । केन्द्रीय मन्त्री प्रकाश जावडेकरने इस सम्बन्धमें प्रश्न पूछे जानेपर गोल-मोल उत्तर देते हुए कहा कि ये तो उन्होंने कांग्रेसको उत्तर देनेके लिए कहा होगा । वहीं कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारीने कहा कि ये लोग वोटके लिए जातिको भी नही छोडते हैं ।
उल्लेखनीय है कि अलवर जनपदके मालाखेडामें एक सभाको सम्बोधित करते हुए योगी आदित्यनाथने बजरंगबलीको दलित, वनवासी, गिरवासी और वंचित बताया । योगीने कहा कि बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वयं वनवासी हैं, गिर वासी हैं, दलित हैं और वंचित हैं ।
गौ तस्करीके नाम पर जिस रामगढमें अकबर खानको पीट-पीटकर मार डाला गया था, इसपर बोलते हुए योगी आदित्यनाथने कहा कि मतदानमें राम भक्त भाजपाको वोट दें और रावण भक्त कांग्रेसको वोट दें । भरतपुरमें बोलते हुए योगी आदित्यनाथने कहा कि भाजपा औरंगजेब जैसे लोगोंसे रक्षा कर सकती है । राम राज्य लानेके लिए भाजपा उम्मीदवारको विजयी बनाएं ।
योगीके इस वक्तव्यको भाजपाके हिन्दुत्व कार्डके साथ-साथ जातिगत वोट बैंकको साधनेके प्रयासके रूपमें भी देखा जा रहा है । राजस्थानमें कुल जनसंख्याका १७.८ प्रतिशत भाग दलित समुदायका है । परम्परागत दलित वोट बैंक गत एक दशकसे कांग्रेस छोड भाजपाके साथ जुडा हुआ था, किन्तु इस बार वसुंधरा राजे सरकारको लेकर इस दलमें विद्रोह है ।
दलितोंको साधनेके लिए भाजपाने कई प्रयास राजस्थानमें किए, किन्तु स्थिति परिवर्तन न होनेपर विधानसभा मतदानमें वसुंधरा राजेको विजयी करनेके लिए उतरे योगी आदित्यनाथने बजरंगबलीको दलित बताकर नया दांव चला है ।
“यदि हिन्दुवादी ही देवी-देवताओंकी विडम्बना करने लगेंगें तो धर्म रक्षणार्थ किससे अपेक्षा की जाए ? ऐसेमें हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना ही एकमात्र उपाय है”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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