डेढ माह पूर्व चांदनी चौकमें केजरीवाल शासनद्वारा क्षतिग्रस्त किए गए हनुमान मन्दिरका भक्तोंने किया पुनर्निर्माण


१९ फरवरी, २०२१
      देहलीके चांदनी चौक क्षेत्रमें देहली नगर निगमद्वारा उच्च न्यायालयके आदेशपर ५० वर्ष पूर्व निर्मित हनुमान मन्दिरको तोड दिया गया था । अब उसी स्थानपर पुनः मन्दिरका निर्माण कर दिया गया है । प्रतिवेदनके अनुसार इस प्रकरणपर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है कि निर्माण कैसे हुआ व किसने कराया ? जनवरी २०२१के प्रथम सप्ताहमें चांदनी चौकका सौन्दर्यीकरण चल रहा था । इसी मध्य वहां निर्मित हनुमान मन्दिरको पूर्णतः तोड दिया गया था । इस कृत्यपर देहलीकी आम आदमी पार्टी शासनकी अत्यधिक आलोचना भी हुई थी । वहीं उत्तरी देहली नगर निगमके वरिष्ठ अधिकारीने इस प्रकरणपर कहा था कि न्यायालयके आदेश अनुसार मन्दिर अतिक्रमणकी श्रेणीमें आता था; इसीलिए उसे तोडा गया है । अब वहीं भक्तोंद्वारा धन एकत्रितकर मन्दिरका स्थाई पुनर्निर्माण कर दिया गया है तथा वही प्राचीन हनुमानजीकी प्रतिमाभी स्थापित की गई है, जो पूर्वके मन्दिरमें उपस्थित थी । सामाजिक जालस्थलोंपर साझा होते छायाचित्रोंसे लोगोंको इस विषयकी जानकारी प्राप्त हुई । वहीं इस प्रकरणपर उत्तरी देहलीके महापौर जयप्रकाशने ‘ट्वीट’ करते हुए कहा कि रामजी व हनुमानजीके मन्दिरको उनके भक्तोंद्वारा बनाया गया है । बीजेपीके राजनेता मनोज तिवारीने भी मन्दिर स्थापनापर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्तकी एवं मन्दिरके पुनः निर्माणको उचित बताया । उन्होंने केजरीवाल शासनको मन्दिर जाकर दर्शनके पश्चात प्राश्चित लेनेके विषयमें भी कहा । उल्लेखनीय है कि ३ जनवरीको चांदनी चौक स्थित ५० वर्ष पूर्व निर्मित हनुमान मन्दिरको प्रातः ४ बजेके समय ‘बुलडोजर’द्वारा श्रतिग्रस्त कर दिया गया था जिसके कारण नागरिकोंमें अत्यधिक आक्रोश था ।
       मन्दिर निर्माण करनेवाले सभी भक्त प्रशंसाके पात्र हैं, जिन्होंने शासनके धर्मद्रोही कृत्योंका उचित प्रकारसे उत्तर दिया है । यह आनेवाले स्वर्णिम हिन्दूराष्ट्रकी स्थापनाका ही शुभ संकेत है जो हिन्दू संगठित होकर अपने धर्मस्थलोंपर होते आक्रमणोंका उत्तर दे रहे हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution