हरियाणाका जिहादी हकीमुद्दीन समूचे भारतसे गाय चुराकर पशुवधशालामें (बूचडखानेमें) करता था विक्रय, तमिलनाडुमें बनाया गया बन्दी 


०८ जुलाई, २०२१
   तमिलनाडुकी वेल्लोर ‘पुलिस’ने ५ जून, सोमवारको हरियाणाके रहनेवाले ४३ वर्षीय जिहादी अहमुद्दीन हकीमुद्दीनको बन्दी बनाया है । आरोपि गायोंकी चोरीकर उन्हें ‘बूचडखानों’में विक्रय कर देता था । विवरणके अनुसार, पेरनामबट ‘पुलिस’ने आंध्र प्रदेशके पञ्जीकृत सङ्ख्यावाली एक ‘लॉरी’को शङ्काके आधारपर रोका । जांच करनेपर उसके भीतर एक गाय मिली ।
   हिन्दी भाषी स्थानीय लोगोंकी सहायतासे पुलिस हकीमुद्दीनको लेकर ‘थाने’ आई । पूछताछके मध्य ज्ञात हुआ कि बेंगलुरूमें उसने अपनी मित्र शकीलासे ‘मिनी लॉरी’ लेकर उसपर काल्पनिक ‘नम्बर प्लेट’ लगाई और गायोंकी चोरीके लिए ​तमिलनाडु आ गया ।
   पूछताछके मध्य हकीमुद्दीनने स्वीकार किया है कि वह हरियाणासे दक्षिण भारतके विभिन्न भागोंमें जाकर पशुओंकी चोरी करता था; इसके पश्चात उन्हें ‘स्लॉटर हाउस’में विक्रय कर देता था । हरियाणा आनेसे पूर्व वह दक्षिण भारतके कुछ स्थानोंपर रुकनेवाला था ।
   इससे पूर्वके माह जून २०२१ में कर्नाटकके उडुपीका एक दृश्यपट ‘सोशल मीडिया’पर सार्वजनिक हो गया था । इसमें उडुपी जनपदके नेजर गांवमें जिहादी इब्राहिमने गंगाधर नामके हिन्दू पडोसीकी गायको चुराकर उसकी हत्या कर दी थी ।
          वर्तमान भारतमें गायकी स्थिति दयनीय होती जा रही है । पूर्वमें जहां प्रत्येक घरमें गाय होती थी अथवा गांवमें एक विशाल गोशाला अवश्य हुआ करती थी । आज उसी देशकी स्थिति भयावह है । गाय अब माता नहीं रही, मात्र धनार्जनका एक स्रोत बन कर रह गई है । ऐसेमें जिहादी उसका लाभ उठा रहे हैं; अतः गोहत्या हेतु मृत्युदण्डका प्रावधान होना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution