सांवरेंके रंगमें रंगी हरियाणाकी कुशाग्रबुद्धिकी महिला ‘आईपीएस’ भारती अरोडा, श्रीकृष्ण भक्तिके लिए मांगी १० वर्ष पूर्व स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति
२९ जुलाई, २०२१
हरियाणा ‘कैडर’की ‘आईपीएस’ भारती अरोडाने अपना सम्पूर्ण जीवन कृष्णभक्तिको समर्पित करनेका निर्णय लेते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्तिके (वीआरएसके) लिए आवेदन किया है । इस निर्णयके पश्चात ५० वर्षीय भारती अरोडा हरियाणाकी ऐसी प्रथम महिला पुलिस अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने ‘वीआरएस’के लिए आवेदन किया ।
१९९८ ‘बैच’की ‘आइपीएस’ भारती अरोडाने ७ सितम्बर १९९८ को सेवा आरम्भ की थी । नियमके अनुसारसे देखें तो उनकी चाकरीको (नौकरीको) अभी १० वर्ष शेष है अर्थात २०३१ में उनकी सेवानिवृति निर्धारित है ।
अपने २३ वर्षके कार्यकालमें उन्होंने राजकीय ‘रेलवे’ पुलिसमें ‘एसपी’, अंबाला ‘एसपी’, कुरुक्षेत्र ‘एसपी’, ‘राई स्पोर्ट्स कांप्लेस’में प्राचार्य (प्रिंसिपल), करनाल ‘रेंज’में ‘आइजी’के रूपमें सेवा दी ।
२४ जुलाई सहसा उन्होंने ‘डीजीपी’को पत्र लिखकर अपनी अभिलाषा प्रकट की । अपने पत्रमें उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा उनके लिए गर्व और लगनकी भांति रहा; किन्तु अब आगामी जीवन वह धार्मिक शैलीेसे व्यतीत करना चाहती हैं । वह चैतन्य महाप्रभु, कबीरदास और मीराबाईकी भांति प्रभु श्रीकृष्णकी साधना करना चाहती हैं ।
भारतीजीका यह निर्णय वन्दनीय है । जहां आज केवल भौतिकताकी दौडमें फंसे लोग केवल अर्थोपार्जनमें लगे हैं, वहीं भारतीजी भगवानकी भक्तिमें अपना जीवन यापन करना चाहती हैं, वह अन्योंको भी प्रेरित कर रही हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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