झारखण्डमें जिहादीद्वारा छद्म प्रेम विवाहके पश्चात हत्या
१३ जनवरी, २०२१
झारखण्डके ओरमांझीमें रविवार, १० जनवरीको ग्रामीणोंद्वारा सूचना देनेपर पुलिसने जिराबार जंगलसे एक युवतीकी सिर कटा हुआ नग्न अवस्थामें मृत शरीर मिला था, सिर न मिलनेके कारण मृतकाकी ‘पहचान’ नहीं हो सकी थी ।
चान्हो क्षेत्रके चटवल गांवके एक दम्पतिने मृतकाका अभिज्ञान किया था । दम्पतिके ‘डीएनए सैम्पल’को जांचके लिए भेजा गया । जांचमें मृतका चान्हो दम्पतिकी बेटी पाई गई । दम्पतिने बताया है कि युवतीने बिलाल खान बनाम शेख बेलालसे प्रेम विवाह किया था, जो कि पिठौरियाके चंदवा बस्तीका रहनेवाला है । शीघ्र ही दोनोंमें लडाई-झगडे होने लगे । युवतीने पिठोरिया थानेमें उसके विरुद्ध दहेज प्रताडनाका परिवाद प्रविष्ट करानेके बाद मई २०२० में जिहादीको पकड लिया गया था । ततपश्चात युवती अपने मायके रहने लगी, तब खालिद नामक जिहादीने उससे मित्रता करके विवाह कर लिया, जो कि पहलेसे ही विवाहित था; परन्तु कुछ माह पश्चात ही उससे भी सम्बन्ध विच्छेद हो गया था, जो अभी पुलिसकी पकडमें है ।
जिहादी बिलाल खानकी पकडके लिए पुलिसद्वारा भीतोंपर (दीवारोंपर) चित्र चिपकाए व छापे मारे जा रहे हैं । अब परिजनने आरोप लगाया है कि जिहादी शेख बेलाल ही युवतीका हत्यारा है । इससे पहले वो कुख्यात सरजा जावेदकी हत्याके विषयमें भी कारावास जा चुका है । उसपर ‘आर्म्स एक्ट’के कई विषय लम्बित हैं ।
ओरमाझीमें लोगोंने विरोध-प्रदर्शनके समय झारखण्डके मुख्यमन्त्री हेमंत सोरेनके ‘काफिले’को रांचीके किशोरगंज चौकके पास रोक दिया था ।
यदि हिन्दू युवतियां जिहादियोंसे दूर रहेंगी, तो ही उनका जीवन बचा रहेगा; परन्तु माता-पिता बालकोंको धर्मके संस्कार नहीं देते हैं, परिणामस्वरूप उसका फल समस्त परिवारको भोगना पडता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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