उच्च न्यायालयने प्रयागराजके ‘आजाद पार्क’में सभी अवैध ‘मजार’, ‘मस्जिद’ एवं ‘कब्रों’को हटानेके दिए आदेश
८ अक्टूबर, २०२१
प्रयागराज स्थित चन्द्रशेखर ‘आजाद पार्क’में अतिक्रमणको हटानेके लिए उच्च न्यायालयने आदेश दिए हैं । न्यायालयके आदेशके अनुसार, ७ अक्टूबर २०२१, गुरुवारको जनपद-प्रशासनने ‘बुलडोजर’द्वारा ‘पार्क’में अवैध रूपसे बनाई गई, ‘मस्जिद, मजार, कब्र’ सहित कई अवैध ढांचोंको ध्वस्त कर दिया । ये सभी अवैध ढांचे, वर्ष १९७५ के पश्चात बनाए गए थे । प्रशासनिक अधिकारियोंद्वारा इन ढांचोंको हटानेमें दो दिवस लगे । इस मध्य प्रशासनने लगभग ३ ‘मजारों’ और १४ ‘कब्रों’को ध्वस्त कर दिया । ‘पार्क’में ज्ञान वृक्ष मन्दिरके समक्ष बने अवैध निर्माणको भी ध्वस्त कर दिया गया और साथमें एक ‘मस्जिद’को ध्वस्त किया गया । अतिक्रमण हटानेके पश्चात प्रशासनने वहांपर तीन-तीन फीटके पौधे लगा दिए हैं । ‘पार्क’में स्थित ‘हिन्दुस्तान एकेडमी’ और ‘लेडीज क्लब’के अतिक्रमणको भी हटाया गया, जिसके लिए पांच गुटोंको (टीमोंको) गठित किया गया था । प्रयाग गायन समिति, ‘हिन्दुस्तानी एकेडमी’ तथा गंगानाथ झा संस्थानोंके परिसरोंमें भी अवैध निर्माण हुए थे, जिन्हें अब मुक्त करा लिया गया है । जितेंद्र सिंह नामक व्यक्तिने, अधिवक्ता हरि शंकर जैनके माध्यमसे याचिका प्रस्तुत की थी, जिसमें कहा गया था कि समूचे ‘पार्क’को ‘कब्रिस्तान’में परिवर्तित किया जा रहा है और मुसलमान समुदायके कुछ लोग ‘पार्क’की भूमिपर कृत्रिम ‘कब्रें’ बना रहे हैं ।
जिहादियोंके अतिक्रमणको समाप्तकर, न्यायालयने सराहनीय कार्य किया है, जिसके लिए न्यायाधीश प्रशंसाके पात्र हैं । इसी प्रकार अन्य जनपदोंमें भी अवैध ढांचोंको हटाया जाना अति आवश्यक हो गया है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply