खालिस्तानी सङ्गठनने दी पत्रकारोंको भ्रमणभाषकर १५ अगस्तको हिमाचल प्रदेशके मुख्यमन्त्रीको राष्ट्र ध्वज नहीं ‘फहराने’ देनेकी चेतावनी
०१ अगस्त, २०२१
खालिस्तानियोंद्वारा पंजाबमें अस्थिरता उत्पन्न करनेके प्रयासोंके पश्चात अब हिमाचल प्रदेशमें भी ‘अलगाववादी’ मानसिकता उत्पन्न हो, ऐसी सिद्धता (तैयारी) की जा रही है । ३० जुलाई, शुक्रवारको प्रातः १०.३० से मध्याह्न १२.३० के मध्य शिमलाके २० से अधिक पत्रकारोंको चेतावानी भरे चलभाष किए, जिसमें यह कहा गया कि हिमाचल प्रदेशके मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुरको आगामी स्वतन्त्रता दिवसके दिवस राष्ट्र ध्वज (तिरंगा) ‘फहराने’ नहीं दिया जाएगा । ये खालिस्तान समर्थक सङ्गठन ‘सिख फॉर जस्टिस (SFJ)’के ‘प्री रिकॉर्डेड’ चलभाष थे और चेतावानी देनेवाला व्यक्ति स्वयंको ‘SFJ’ का सदस्य गुरपतवंत सिंह पन्नू बता रहा था ।
इस अभिलिखित (रिकॉर्डेड) चलभाषमें हिमाचल प्रदेशमें पृथकतावादी आन्दोलन आरम्भ करनेकी बात की गई । इस चलभाषमें कहा गया, “हिमाचल प्रदेश भी कभी पंजाबका भाग हुआ करता था । हम पंजाबमें जनमत सङ्ग्रह (रेफरेंडम) करवानेकी दिशामें बढ रहे हैं और जिस दिवस पंजाब पृथक हो जाएगा, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हिमाचल प्रदेशका जो भाग पंजाबका था, वह भी पृथक किया जा सके ।” पन्नूने खालिस्तानी समर्थकों और किसानोंको भी ‘ट्रैक्टर’पर निकलनेके लिए पथभ्रष्ट किया है, जिससे हिमाचल प्रदेशके मुख्यमन्त्रीको राष्ट्र ध्वज ‘फहराने’से रोका जा सके । इन पत्रकारोंके अतिरिक्त कई अन्य लोगोंने भी ऐसे चलभाष आनेकी परिवाद (शिकायत) की है ।
हिमाचल प्रदेश पुलिस, केन्द्रीय सुरक्षा एवं गुप्तचर विभागके सम्पर्कमें है और राष्ट्र विरोधी तत्त्वोंको रोकने एवं राज्यमें शान्ति बनाए रखनेमें पूर्ण रूपसे सक्षम है । इन चेतावनी भरे चलभाष आनेके पश्चात मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर, ‘भाजपा’के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केन्द्रीय मन्त्री अनुराग ठाकुरकी सुरक्षाको बढा दिया गया है ।
खालिस्तानी पंजाबसे अब हिमाचल प्रदेशमें अपना षड्यन्त्र करना आरम्भ कर दिए हैं । जिस प्रकार सङ्क्रमणको नियन्त्रित न किया जाए, तो वह फैलता ही जाता है, उसी प्रकार खालिस्तानी अपना षड्यन्त्र फैला रहे हैं । यह हमारी प्रशासनिक व राजनीतिक विफलता है । इससे यह भी स्पष्ट है कि खालिस्तानी आतङ्कियोंकी मांग केवल पंजाबतक ही सीमित नहीं है, वरन जिहादियोंकी भांति ये भी समूचे भारतमें ही अस्थिरता उत्पन्न करना चाहते हैं । केन्द्रको इसे कडाईसे कुचलना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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